गोंडा। कोर्ट में हाजिर न होने के साथ कोई साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर मनकापुर के पूर्व और वर्तमान कोतवाल पर गबन का मुकदमा दर्ज होगा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों निरीक्षकों को अर्थदंड से दंडित करते हुए उन पर गबन के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया है। दोनों पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप है।
राज्य बनाम तीरथ सिंह के मामले में माल मुकदमा ट्रक यूपी 32 ए-9016 को प्रस्तुत न करने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कोतवाली मनकापुर से आख्या मांगी।
इस पर बताया गया कि ट्रक जीर्णशीर्ण हालत में है और चालू नहीं हो सकता। जबकि कोतवाली के कागजी अभिलेख में संतरी के पहरे की देखरेख में ट्रक को सही हालत में खड़ा करना दर्ज किया गया था। वहीं, अदालत के आदेश के बावजूद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने न तो माल मुकदमा पेश किया और न ही कोई गवाह प्रस्तुत किए।
इस पर 26 सितंबर 2023 को न्यायालय ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद नोटिस जारी हुई लेकिन वह न तो कोर्ट में हाजिर हुए न ही कोई जवाब दिया।
अदालत ने 30 नवंबर 2023 को वर्तमान प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सरोज को भी साक्ष्य के साथ तलब किया लेकिन वह भी न अदालत में हाजिर हुए और न ही कोई आख्या प्रस्तुत की। इस पर कोर्ट ने थाना प्रभारी की लापरवाही मानते हुए माल मुकदमाती ट्रक को क्षतिग्रस्त करते हुए उसे गायब करना माना।
साक्ष्य और हालातों को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह को 500 और वर्तमान प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सरोज को 200 रुपये अर्थदंड से दंडित करते हुए दोनों निरीक्षकों के वेतन से कटौती कर अर्थदंड की धनराशि वसूलने का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है।
अदालत ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह व वर्तमान प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सरोज के विरुद्ध गबन का केस दर्ज करने का भी आदेश दिया है।