गोंडा। पंड़रीकृपाल विकासखंड में मलारी के ग्राम पंचायत अधिकारी विजय कुमार की पिटाई के मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात प्रधान पति रामप्रकाश वर्मा समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। वहीं, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष के अनुरोध पर सीडीओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात मैजापुर चीनी मिल के पास से मलारी की ग्राम प्रधान के पति राम प्रकाश वर्मा और पिंटू उर्फ इंदर कुमार निवासी सिसौर अंदूपुर देहात कोतवाली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की शिनाख्त वायरल वीडियो के आधार पर की गई थी। पुलिस ने प्रधान पति रामप्रकाश वर्मा, अज्ञात आरोपी पिंटू व प्रधान पति के चालक को हिरासत में लिया था। मगर पूछताछ के बाद पुलिस ने चालक को छोड़ दिया। मामले में ग्राम सचिव विजय कुमार ने नगर कोतवाली में सरकारी काम में बाधा, बलवा, मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और एससी/एसटी एक्ट आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधान पति की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को तीन दिन की मोहलत दी थी। इसके विरोध में सोमवार को ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष की अगुवाई में मलारी ग्राम प्रधान धूपा देवी समेत कई प्रधानों ने सीडीओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था।
वहीं, सीडीओ एम. अरुन्मोली ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें अपर उपजिलाधिकारी विश्वामित्र, पंडरीकृपाल के बीडीओ चंद्रशेखर और एडीपीआरओ जीडी जैन शामिल हैं। कमेटी से एक जून तक जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने सोमवार को सीडीओ एम. अरुन्मोली से मामले में शिकायत के बाद पक्षपात का आरोप लगाया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की कार्रवाई न करने की मांग की थी। मगर पुलिस ने प्रधान पति समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी का कहना है कि मामले में जांच से पहले ही एकतरफा कार्रवाई की गई है। ऐसे में प्रधान संगठन आंदोलन के लिए बाध्य है। वहीं, सचिव संघ के जिलाध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव व यमुना प्रसाद ने कार्रवाई को लेकर पुलिस का आभार जताया है।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि कमेटी गठित होने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। एक जून तक अनिवार्य रूप से रिपोर्ट तलब की गई है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष की ओर से सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।