दुबहा बाजार (गोंडा)। दीवाली के एक दिन पहले धनतेरस के दिन पुलिस की कार्यशैली के कारण एक युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने से आहत युवती ने फंदे पर लटककर जान दे दी। अब पुलिस पूरे मामले को मैनेज करने की कोशिश में लगी है। इस तरह की घटना से मिशन शक्ति की हवा निकल गई है। मामले में युवती की मां की तहरीर पर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
कौड़िया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक युवती से गांव के ही कुछ शोहदे छेड़छाड़ कर रहे थे। युवती ने पूरी बात अपनी मां से बताई। मां ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिस मनचलों को थाने ले गई और वहां से छोड़ दिया। शोहदों ने लौटकर युवती और उसकी मां को धमकाया और फिर छेड़खानी की। युवती की मां ने दोबारा पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय आरोपियों का शांतिभंग मे चालान कर दिया। आहत युवती ने अपनी मां को जानकारी दी इसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे गांव वालों में पुलिस के प्रति आक्रोश हो गया। इसकी सूचना पर मौके पर पहुंची कौड़िया पुलिस ने गांव वालों को समझाने का प्रयास किया। अब पुलिस पूरे मामले को रफादफा करने का प्रयास कर रही है।
कौड़िया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 18 वर्षीया युवती की मां ने बताया कि उसकी पुत्री के साथ उसके गांव के ही रहने वाले ओमप्रकाश उर्फ मिंटर व उसका साथी आशू आये दिन छेड़छाड़ करते थे। जिससे तंग आकर उसकी पुत्री ने शुक्रवार को कौड़िया थाने में शोहदों के खिलाफ तहरीर देकर गुहार लगाई थी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार की सुबह जब उसकी पुत्री शौच के लिए खेत को गई थी तभी वापस लौटते समय दोनों ने रास्ते में उसकी पुत्री को रोक लिया और उसके साथ छेड़खानी करने लगे। परेशान युवती रोते हुए घर आई और अपने कमरे में जाकर छत के हुक से दुपट्टे के सहारे फंदे से लटककर जान दे दी। युवती की मां ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु कई वर्ष पूर्व हो चुकी है। वह अपनी बेटी और एक छोटे बेटे के साथ गांव में रहती है।
बताया कि शोहदों से तंग आकर उसने बेटी के संग थाने पहुंचकर शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी थी। आरोप है कि मगर पुलिस ने कार्यवाही के नाम पर हीला हवाली की। जिससे शोहदों का मन बढ़ता गया और शनिवार की सुबह शौच से वापस लौटते समय दोनों ने उसकी पुत्री के साथ दोबारा छेड़खानी की। जिससे तंग आकर उसकी पुत्री ने जान दे दी। कौड़िया थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि युवती की मां ने परेशान करने की शिकायत की थी, छेड़खानी की बात नहीं बताई थी। इसलिए दोनों आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। युवती की मां की तहरीर पर दो आरोपियों ओमप्रकाश उर्फ मिंटर व उसके साथी आशू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पुलिस की लापरवाही से मातम में बदली दिवाली की खुशियां
समय से होती कार्रवाई तो बच जाती युवती की जान
पुलिस ने अगर युवकों के खिलाफ समय से कठोर कार्रवाई की होती तो शोहदे युवती के साथ दोबारा छेड़खानी का प्रयास नहीं करते। जिससे युवती की जान बच सकती थी। मगर पुलिस की लापरवाही से मजबूरन युवती को जान गवांनी पड़ी। पूरेबदल में युवती अपने छोटे भाई व बुजुर्ग मां के साथ रहती थी। उसके पिता का कई वर्ष पहले निधन हो गया था। अकेली होने के कारण गांव के मनचले उसको परेशान किया करते थे। 13 नवंबर को मनचलों ने युवती के साथ छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत युवती की मां व प्रधान पति रामशंकर मिश्रा ने पुलिस से की थी। जिस पर पुलिस ने दोनों युवकों को शांतिभंग में चालान कर दिया। मगर छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जिससे मनचलों को मनोबल बढ़ गया और थाने से वापस लौटने के बाद जब वह शौच के लिए निकली तो मनचलों ने उसके साथ दोबारा उसपर छींटाकसी की। जिससे आहत होकर युवती ने घर पहुंचते ही अपनी मां को पूरी बात बताई। त्योहार होने के कारण मां खाना बनाने में व्यस्त हो गई। इसी बीच आहत युवती ने फंदे से लटककर जान दे दी। युवती के आत्महत्या से दीवाली की खुशियां मातम में बदल गईं।