गोंडा। आईजी के आदेश पर नगर कोतवाली में कोऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक व निबंधन कार्यालय के प्रभारी उपनिबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन सभी पर दूसरे की जमीन का फर्जी दानपत्र तैयार करके अभिलेखों में हेराफेरी कर बैंक से 25 लाख रुपये का कर्ज लेने का आरोप है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नगर कोतवाली के महराजगंज निवासी राम प्रकाश गुप्ता ने आईजी अमित पाठक के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि सात जुलाई 2004 को उन्होंने गिर्द गोंडा में 21 बिस्वा जमीन का बैनामा लिया था। बैनामे के बाद जमीन खतौनी में उनके नाम से दर्ज हो गई। तभी से वह उक्त जमीन पर काबिज हैं। इसके बावजूद महारानीगंज निवासी सतई ने साजिश करके अपनी पत्नी किरन के नाम से कूटरचित दानपत्र तैयार कराया। इस फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बावजूद रानी बाजार निवासी आनंद अग्रवाल और रघुनंदन शर्मा निवासी चूड़ामणि मोहल्ला नगर कोतवाली ने गवाह बनकर हस्ताक्षर किए। सदर तहसील के निबंधन कार्यालय के तत्कालीन प्रभारी उपनिबंधक चंद प्रताप वर्मा ने आर्थिक लाभ लेकर आठ मई 2025 को वही संख्या जिल्द संख्या 13994 पृष्ठ संख्या तक क्रमांक संख्या 6986 के माध्यम से दानकर्ता के पक्ष में पंजीकृत कर दिया। इसी दानपत्र से सतई और उसकी पत्नी किरन ने काेऑपरेटिव बैंक की शाखा में लोन के लिए आवेदन किया। आरोप है कि कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक ने आर्थिक लाभ लेकर किरन के नाम से 25 लाख का लोन स्वीकृत कर दिया। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मुकदमे की विवेचना निरीक्षक अपराध सभाजीत सिंह को दी गई है।