मुजेहना विकास खंड की आठ ग्राम पंचायतों के 17 लाभार्थियों ने इंदिरा आवास की पहली किश्त लेने के बाद भी आवास निर्माण का काम नहीं शुरू कराया। बुधवार को सीडीओ की समीक्षा के दौरान इसका खुलासा हुआ। इस पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्माण न कराने वाले लाभार्थियों से सरकारी धन की वसूली करवाकर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित ने मुजेहना ब्लॉक में पंचायत सचिवों व रोजगार सेवकों समेत अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक कर मनरेगा समेत अन्य सरकारी योजनाओं की समीक्षा की।
मनरेगा के तहत यहां की 57 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 36 गांवों में काम शुरू कराया गया है। शेष 21 गांवों में मनरेगा का काम ठप मिला।
मनरेगा की धीमी प्रगति पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। इंदिरा आवास की समीक्षा के दौरान पाया गया कि चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में जिन लाभार्थियों को इंदिरा आवासों का आवंटन किया गया था, उसमें से कुछ लोगों ने आवास की पहली किश्त के रूप में 35 हजार का भुगतान लेने के बाद भी आवास का निर्माण शुरू नहीं कराया है।
बीडीओ आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायत लखनीपुर, बनकटी सूर्यबली सिंह, रेतवागाड़ा, पूरेसिधारी व पंडित परसिया में दो-दो, बनगाई व उजैनीकला में तीन-तीन व कोल्हुआ में एक लाभार्थी समेत 17 लोगों ने पैसा निकालने के बाद भी अब तक आवास निर्माण का काम नहीं शुरू कराया है।
इस पर सीडीओ ने निर्माण न कराने वाले लाभार्थियों से सरकारी धन की वसूली करने व उनके खिलाफ दर्ज कराने के निर्देश बीडीओ को दिए।