फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में अटके तीन हजार लर्निंग डीएल

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए परिवहन विभाग की ओर से 21 मार्च से लाइसेंस का काम पर रोक लगा दी गई थी। 8 जून को लाइसेंस की प्रक्रिया को खोला गया लेकिन इसमें केवल परमानेंट लाइसेंस पर ही काम हो रहा है। ऐसे में मार्च महीने में लर्निंग लाइसेंस के लिए किये गये लगभग 3 हजार से अधिक आवेदन अभी भी वैसे ही पड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि अभी परिवहन विभाग की ओर से इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि लर्निंग के लिए आवेदन कर चुके लोगों और आवेदन करने वाले को अभी कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन

बता दें कि परिवहन विभाग के लाइसेंस सेक्शन में रोजाना सबसे अधिक भीड़ जुटती है। इसलिए कोरोना संक्रमण को देखते हुए विभाग की ओर से ही 21 मार्च को इस अनुभाग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। बाद में लॉकडाउन के चलते पूरा कार्यालय बंद हो गया। 8 जून से केवल परमानेंट लाइसेंस की प्रक्रिया ही क्रियाशील है। पूर्व में लर्निंग के लिए 175 स्लॉट निर्धारित थे। इतने लोग रोजाना कार्यालय लाइसेंस के लिए आ सकते थे।
जो पहले से आवेदन थे उन्हीं का काम हो रहा है
8 जून को परमानेंट लाइसेंस बनाने को काम शुरू तो किया गया लेकिन इसमें भी पेंच फंसा हुआ है। जिन लोगों के परमानेंट लाइसेंस का आवेदन पहले किया गया था उन्हीं को फिर से स्लॉट का एलाटमेंट किया जा रहा है। ऐसे में जिन्होंने परमानेंट लाइसेंस के लिए लॉकडाउन के पहले आवेदन नहीं किया था, उनका भी काम फंसा हुआ है। हालांकि सभी लर्निंग लाइसेंसों की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन

मुख्यालय की ओर से रोजाना 100 लोगों के स्लॉट के लिए अनुमति दी गई है। लेकिन नये परमानेंट लाइसेंस का आवेदन न होने से कार्यालय में अधिकतम 20 से 25 की संख्या में लोग आवेदन के लिए आ रहे हैं। इससे बाकी स्लॉट खाली जा रहे हैं। बायोमीट्रिक और टेस्ट के लिए भी शिफ्ट का निर्धारण कर दिया गया है। जिससे किसी को असुविधा न हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। मुख्यालय को इसकी सूचना दे दी गई है। वाहनों से जुड़े सारे कार्य किये जा रहे हैं। उनमें कोई भी कार्य नहीं बाधित किया गया है लेकिन जो काम ऑनलाइन घर बैठे हो सकता है उसके कार्यालय दौड़कर न आयें।
विज्ञापन

-संजीव कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें