गोंडा। जिले के तीन और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों को उच्चीकृत करके इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कराने की योजना को मंजूरी मिली है। इससे पहले हलधरमऊ कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल को इंटर कॉलेज तक किये जाने की मंजूरी मिल चुकी है।
इसके साथ ही तीन और स्कूलों को इंटर तक अपग्रेड किये जाने की मंजूरी से बेटियों की शिक्षा आसान हो जाएगी। अभी उन्हीं स्कूलों का चयन किया गया है जहां कस्तूरबा स्कूल के निकट सरकारी या सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज नही हैं। तीनों स्कूलों में शैक्षिक ब्लॉक व छात्रावास निर्माण पर नौ करोड़ 27 लाख 31 हजार खर्च होंगे।
जिले के प्रत्येक विकास खंड में संचालित 17 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को इंटर कॉलेज तक उच्चीकृत किया जाएगा। केंद्र सरकार ने पहले चरण में जिले के एक कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल हलधरमऊ को कक्षा 9 से 12 तक उच्चीकृत करने की मंजूरी दी थी।
वहीं अब इस साल झंझरी, कटरा बाजार और बभनजोत कस्तूरबा स्कूलों में भी कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई के लिए स्वीकृति मिली है। अभी इस स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। इस योजना में उन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका आवासीय स्कूलों को चयनित किया गया है जिनके 3 किलोमीटर की परिधि में एक भी राजकीय या सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय नहीं है।
स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित करने के लिए नया शैक्षिक ब्लॉक तथा 100 छात्राओं के लिए नया छात्रावास बनाया जाएगा। सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत हर स्कूल में नए शैक्षिक ब्लॉक के लिए 1 करोड़ 38 लाख 61 हजार रुपये और छात्रावास निर्माण के लिए 1 करोड़ 77 लाख 16 हजार रुपये तय किए हैं।
इस तरह एक स्कूल को अपग्रेड करके इंटर कालेज तक बनाने पर तीन करोड़ 15 लाख 77 हजार रूपये खर्च होगा। तीनों स्कूलों के लिए नौ करोड़ 27 लाख 31 हजार रूपये का बजट खर्च होगा। पहले से स्वीकृत हलधरमऊ स्कूल के निर्माण पर भी तीन करोड़ 15 लाख 77 हजार रूपये खर्च होगा। माना जा रहा है कि जल्द इनके निर्माण की कार्रवाई शुरू हो सकेगी।
जिले के समग्र शिक्षा से पांच स्कूलों में छात्रावास का निर्माण स्वीकृत हुआ था। तीन पंडरीकृपाल, वजीरगंज और झंझरी में छात्रावास का निर्माण हो चुका है। परसपुर का निर्माण हो गया है लेकिन अभी विभाग को हैंडओवर नही हुआ है। इसके अलावा बेलसर में निर्माणाधीन है।
वहीं चार सालों से बभनजोत में छात्रावास का निर्माण हो रहा है। कभी- कभी काम होता है, बताया जा रहा है कि एक मिस्त्री और 11 श्रमिक लगे हैं। वहीं छपिया व वनग्राम में भी छात्रावास बनना है। यहां पर कक्षा 12 तक के पढ़ाई की व्यवस्था नही हो पाएगी, क्योंकि सरकारी या सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज बगल में ही हैं।
लेकिन छात्राओं को पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिल सकेगी। वहीं माध्यमिक शिक्षा अभियान से तरबगंज, नवाबगंज और रूपईडीह में छात्रावास का निर्माण कराया गया है। यह तीनों कस्तूरबा गांधी स्कूलों के परिसर से दूर बने हैं। यहां पर छात्राओं के रूकने की व्यवस्था है।