गोंडा। कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ने के साथ ही नए केसों में आंशिक गिरावट दर्ज हुई है। वहीं मौत के मामलों में भी कमी आई है। रविवार को तीन लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इसके साथ ही करीब 2578 लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट आई है, जिसमें 178 नए केस सामने आए हैं।
फिलहाल संक्रमण का खतरा अभी कम नही हुआ है। लगातार लोगों को कोरोना शिकार बना रहा है। चार दिनों से 200 से अधिक मामले सामने आ रहे थे, जिसमें कभी से राहत के संकेत हैं। अभी कोरोना को देखते हुए पहले से और अधिक सर्तक रहने की जरूरत है।
कोरोना संक्रमण से जिले में अभी 1641 लोग जूझ रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि अभी भी 109 कोरोना मरीज गंभीर हैं। वह अपना निजी खर्चे पर एससीपीएम हास्पिटल एल टू में इलाज करा रहे हैं। इसी तरह गोनार्ड हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर नवाबगंज में भी निजी खर्चे पर 15 मरीजों का इलाज हो रहा है।
अवध हास्पिटल में भी निजी खर्चे पर 22 मरीजों का इलाज हो रहा है। जिला अस्पताल के कोविड हास्पिटल में भी 42 मरीज कोरोना से जंग लड रहे हैं। इसके अलावा 1415 कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या में आंशिक कमी आई है लेकिन खतरा अब शहर के साथ ही गावों में भी फैल चुका है। कोरोना लगातार ग्रामीण इलाकों में पांव पसार रहा है।
जिले में कोरोना मरीजों को इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर देने के लिए प्रशासन की ओर से किए गए प्रयास जमीन पर नही दिख रहे हैं। जिलाधिकारी ने बीते दिनों जिले के तीन सीएचसी को कोविड हास्पिटल घोषित किया था।
करनैलगंज, मनकापुर व इटियाथोक को कोविड हास्पिटल के रूप में संचालित करने की कार्रवाई आगे नही बढ़ सकी है। जिससे मरीजों को इलाज के लिए निजी खर्चों पर प्राइवेट हास्पिटलों में जाना पड़ रहा है। कोविड हास्पिटल में बेड़ तो अभी 138 खाली बताए जा रहे हैं लेकिन लोग स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा चाह रहे हैं। ऐसे में 1415 लोग होम आइसोलोशन में ही कोरोना से जंग लड़ रहे हैं।