गोंडा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में सरकारी योजनाओं में सेंध लगाई जा रही है। बीते दिनों बीएसए के निरीक्षण में रुपईडीह के प्राथमिक विद्यालय के परसदा में बड़ी गड़बड़ी मिली। पंजीकृत 102 बच्चों में उपस्थित 25 बच्चों में से कुल दो ही यूनिफॉर्म में मिले। वहीं 42 बच्चों को मिड-डे-मील देने की जानकारी दी गई। मामले में बीएसए ने जवाब तलब किया है। दूसरी ओर मॉनीटरिंग से पहले ही विद्यालयों के लिए खरीदे गए टैबलेट गच्चा दे गए। सोमवार को पंतनगर स्थित बीएसए कार्यालय में पहुंचे शिक्षकों ने संबंधित फर्म के जिम्मेदारों से शिकायत दर्ज कराई।
छात्र, शिक्षक उपस्थिति, मध्याह्न भोजन समेत महत्वपूर्ण योजनाओं की निगरानी के लिए विद्यालयों को 4221 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। मगर व्यवस्था लागू होने से पहले टैबलेट गच्चा दे गए। सोमवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक के आदेश पर बीएसए कार्यालय में लगाए गए विशेष कैंप में शिक्षकों ने आपूर्ति करने वाली फर्म के प्रतिनिधियों को खामियां गिनाईं। शिक्षक नंद किशोर और धर्मेंद्र प्रताप पटेल ने बताया कि टैबलेट खुद खुल और बंद हो रहा है। कई टैबलेट चलने से पहले ही डेड हो चुके हैं। चार्जिंग और टैबलेट खुलने व बंद होने की बड़े पैमाने पर शिकायतें दर्ज की गईं। विद्यालय के कार्यों में टैबलेट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
18 सितंबर को अधिकारियों की जांच में पंजकिृत 102 छात्रों में 42 ने मिड-डे-मील खाया, जबकि मौके पर 25 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। वहीं अधिकतर बच्चों को डीबीटी के माध्यम से यूनिफाॅर्म के लिए बजट जारी करने के बावजूद महज दो बच्चे ही यूनिफॉर्म में मिले। कक्षा पांच तक विद्यालय में महज दो कक्षा में ही बच्चे पढ़ते पाए गए। इस तरह से विद्यालयों में सरकारी योजनाओं को लेकर बड़ी अनियमितता की आशंका जताई गई है।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि प्रथमदृष्टया वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।