गुड्डूमल चौराहे पर पिचकारी खरीदते लोग। - संवाद
गोंडा। फागुन की बयार चल पड़ी है। हवा में अबीर-गुलाल की खुशबू है। बाजारों में रंगों की बहार है। होली के लिए शहर से गांव तक साउंड सिस्टम बुक हैं और युवा थिरकने को तैयार हैं।
डीजे संचालक राम सुहावन बताते हैं कि उनके पांचों डीजे सिस्टम 10 दिन पहले ही बुक हो चुके हैं। अब एक भी साउंड खाली नहीं है। युवा अतुल और परमजीत ने दोस्तों व रिश्तेदारों को पहले ही न्योता दे दिया है। कहा कि इस बार होली पर डीजे फ्लोर पर धूम मचाएंगे।
शहर के बाजार इन दिनों मानो रंगों की चादर ओढ़े हैं। अबीर-गुलाल, पिचकारी, मुखौटे और होली कैप बच्चों को लुभा रही हैं। वाटर बैलून की खरीद में बच्चे सबसे आगे हैं, तो युवाओं में स्टाइलिश लुक का खुमार चढ़ा है। जींस, टी-शर्ट और ट्रेंडी शर्ट की खूब खरीदारी हो रही है। महिलाएं साड़ियों की खरीद में व्यस्त हैं, जबकि लड़कियां सरारा को खास पसंद कर रही हैं। होली का फैशन इस बार रंगों जितना ही चमकीला है।
होली बिना गुझिया के अधूरी है। मिठाई विक्रेता बंटी का कहना है कि दुकानों पर गुझिया, लड्डू और पेड़ा की मांग बढ़ गई है। ठंडाई, नमकीन और ड्राई फ्रूट्स की भी खूब बिक्री हो रही है।