गोंडा। ईरान में हो रहे धमाकों की आवाज भले यहां तक न पहुंचती हो, लेकिन उसकी गूंज शास्त्रीनगर तोपखाना मोहल्ले के एक घर की खामोशी में साफ सुनी जा सकती है। इस्राइल व अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए ताजा हमले की खबर ने इस घर के लोगों की नींद उड़ा दी है।
व्यवसायी शबाहत हुसैन के छोटे भाई फसाहत हुसैन अपने परिवार के साथ ईरान में रहते हैं। उनका ठिकाना राजधानी तेहरान से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर है। वहां वे धार्मिक शिक्षा के साथ उच्च अध्ययन (पीएचडी) कर रहे हैं। बरसों से ईरान में रह रहे इस परिवार के लिए यह इलाका अब घर जैसा ही बन चुका है, लेकिन मौजूदा तनाव ने हर दिन को अनिश्चितता में बदल दिया है।
शबाहत बताते हैं कि हमले की खबर मिलते ही घर में सन्नाटा छा गया। टीवी चैनलों पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने चिंता और बढ़ा दी। कई बार कॉल की गई। बाद में जब फसाहत से बात हो गई तो सभी ने राहत की सांस ली। फसाहत ने बताया कि वे लोग सुरक्षित स्थान पर हैं। जिस इलाके में उनका निवास है, वहां फिलहाल स्थिति सामान्य है। मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं भी चल रही हैं। हालांकि पूरे देश में तनाव का माहौल है और एहतियातन लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं।
दुआओं में बीत रहा हर पल
घर की बुजुर्ग महिलाएं नम आंखों से दुआ मांग रही हैं। बच्चे हर थोड़ी देर में पूछ लेते हैं कि चाचा का फोन आया क्या?। परिवार के लोग दिनभर टीवी की आवाज धीमी रखकर खबरों पर नजर गड़ाए हैं। हर अलर्ट की आवाज दिल की धड़कन बढ़ा देती है। शबाहत बताते हैं कि उनके बहनोई मो. हसन कुछ दिन पहले ही ईरान से भारत लौटे हैं। यह संयोग ही है कि वह सुरक्षित यहां पहुंच गए, वरना चिंता और गहरी हो जाती। परिवार के बाकी सदस्य भाभी ऐनुल हुदा काजमी, बेटियां इंसिया जैनब और ताहिरा जैनब, बहन मेराज फातिमा और उनके बच्चे अभी ईरान में ही हैं।
मोहल्ले वाले भी चिंतित
शास्त्रीनगर के लोग भी इस परिवार का हालचाल जानने के लिए बेचैन हैं। स्थानीय सभासद फहीम सिद्दीकी कहते हैं कि जब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, विदेश में रह रहे अपने लोगों की चिंता स्वाभाविक है। कहा कि गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह विदेश राज्यमंत्री हैं। ऐसे में परिवार और मोहल्ले के लोगों को भरोसा है कि यदि स्थिति गंभीर होती है तो भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।