गोंडा। निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तैयारी तेज कर दी है। इसमें जिले के 25.52 लाख मतदाता शामिल किए जाएंगे। बीएलओ व सुपरवाइजर घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी की गई है। वर्चुअल माध्यम से आयोग के अधिकारियों ने दिशा-निर्देश दिए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची फ्रीज करने के बाद युद्ध स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में डीएम प्रियंका निरंजन की अगुवाई में आयोग की वर्चुअल बैठक में एडीएम, एसडीएम समेत जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद रजी ने बताया कि वर्तमान में जिले की मतदाता सूची में कुल 25.52 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। कुल 1,661 मतदान केंद्रों पर 2,726 मतदेय स्थल हैं। प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ की तैनाती कर दी गई। विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए कुल 274 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। उन्हें जल्द ही विशेष प्रशिक्षण के साथ ही निर्वाचन आयोग के एसआईआर को लेकर सभी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
चार नवंबर से चार दिसंबर तक सभी बीएलओ घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण करेंगे। मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान पात्रों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। अपात्र सूची से बाहर किए जाएंगे। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2003 में एसआईआर किया गया था। सूची की खामियां दूर करने के लिए आयोग स्तर से एक बार फिर एसआईआर का निर्णय लिया गया। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
नौ दिसंबर को होगा मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन
अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद इसी साल आगामी नौ दिसंबर को मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद नौ दिसंबर से आठ जनवरी के बीच दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। वहीं, नौ दिसंबर से 31 जनवरी के बीच दावे व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आगामी सात फरवरी को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
अब 1200 मतदाताओं पर बनेगा मतदेय स्थल
अभी तक 1,400 मतदाताओं पर एक मतदेय स्थल बनाया जाता था। अब 1,200 मतदाताओं पर एक मतदेय स्थल बनाया जाएगा। इससे चुनाव कराने में आसानी होगी। मतदेय स्थलों पर मतदाताओं का दबाव कम रहेगा। इसके साथ ही बीएलओ व सुपरवाइजर को भी राहत मिलेगी।
इनमें से किसी एक की होगी आवश्यकता
निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, जाति प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, दसवीं या किसी कॉलेज का शैक्षणिक दस्तावेज, परिवार रजिस्टर नकल, जमीन या मकान के दस्तावेज, एक जुलाई 1987 से पहले सरकार द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र जैसे बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी, सरकारी नौकरी का पहचान पत्र या पेंशन का कागज, वन अधिकार प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां उपलब्ध हो) आदि दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।