खैरा भवानी मंदिर परिसर में छठ पूजा करने पहुंचीं महिलाएं। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। लोक आस्था के महापर्व छठ पर मंगलवार को सूर्योदय के समय जिले की नदियों, सरोवरों व तालाबों के किनारे आस्था का सैलाब दिखा। बूंदाबांदी के बीच व्रती के साथ परिवार के सदस्यों ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठी मैया के गीत गाते हुए महिलाएं अपने घर लौटीं। इसी के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व संपन्न हो गया।
छठ महापर्व की शुरुआत शनिवार को नहाय-खाय के साथ हुई थी। इसके बाद अगले दिन रविवार को व्रती महिलाओं ने खरना की रस्म निभाई। छठ पूजा के लिए शहर के खैरा भवानी मंदिर के पोखरे व पीएसी लाइन के तालाब के किनारे प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, सुरक्षा व सजावट आदि के इंतजाम किए गए थे। व्रती महिलाओं ने 36 घंटे के निर्जल व्रत के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना की।
मंगलवार को भोर होते ही खैरा भवानी मंदिर स्थित पोखरे, करनैलगंज में सरयू के कटरा घाट, मनकापुर में मनवर नदी, इटियाथोक में बिसुही नदी समेत अन्य स्थानों पर नदी व सरोवरों के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं सूप, डलिया, फल, गन्ना और पूजन सामग्री लेकर घाटों पर पहुंचीं और बेदी बनाकर पूजन की तैयारी में जुट गईं। ढोल-नगाड़ों और छठी मैया के गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। जैसे ही सूर्यदेव के दर्शन हुए छठी मैया के जयकारे गूंज उठे। सूर्यदेव के भी जयकारे लगाए गए। श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाएं हाथ जोड़कर परिवार की मंगलकामना करती दिखीं। पुलिस-प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। सफाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत की ओर से विशेष तैयारी की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। करनैलगंज विधायक अजय सिंह ने मंगलवार को सरयू नदी के तट पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। पसका में त्रिमुहानी घाट पर श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पूजन करके निर्जल व्रत पूरा किया। एसपी विनीत जायसवाल व एएसपी मनोज कुमार रावत की अगुवाई में जिलेभर के पूजा घाटों, तालाबों व सरोवरों के तट पर पुलिस टीमें सक्रिय रहीं।