गोंडा। कुछ देर की बारिश में ही शहर की सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ता है और चौक चौराहों समेत तीन मार्गों पर दो-दो घंटे तक लोग जाम में फंसे रहते हैं। कहीं वैकल्पिक रूट नहीं है तो कहीं बंद कर दिया गया। 20 साल से बरसात के मौसम में ऐसे ही हालात बन जाते हैं, मगर अब तक जलनिकासी के इंतजाम नहीं हो सके।
गुड्डूमल चौराहे से दुखहरणनाथ मंदिर की दूरी महज 300 मीटर है। कम दूरी होने के कारण चौक से बड़गांव आने जाने के लिए लोग अधिकतर इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में गुरुनानक चौक पर लगने वाले जाम में फंसने से तो बचते ही हैं, समय भी कम लगता है। तीन से पांच मिनट में यह दूरी तय करके सीधे बड़गांव रूट पर पहुंच जाते हैं, लेकिन बारिश में जलभराव के कारण समस्या आ रही है। गुरुनानक चौक से होकर जाने में महिला अस्पताल के पास और गुरुनानक चौक पर लगने वाले जाम के कारण गुड्डूमल से दुखहरणनाथ की 600 मीटर दूरी तय करने में 30 मिनट का समय बर्बाद होता है।
महराजगंज से फातिमा मार्ग व महाराजा अग्रसेन चौराहे से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग का भी यही हाल है। कुछ देर की बारिश में ही नालों के उफनाने से यहां सड़क पर जलभराव होना आम बात है। प्रतिदिन जाम से 40 हजार वाहन चालक जूझते हैं।
एक साल पहले गुरुनानक चौक पर यातायात पुलिस ने आवागन वन वे कर दिया था। बारिश के सीजन में इधर से गुजरने वाले लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
रोडवेज परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। यहां कर्मचारियों के साथ ही यात्रियों को परेशानी हो रही है।
नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी मार्गों पर छह यात्री पड़ाव स्थल चिह्नित किए हैं, लेकिन बारिश में बचाव के इंतजाम नहीं किए। न तो यहां टिनशेड हैं और न ही बैठने के लिए बेंच। बस व टैक्सी पकड़ने के लिए आने वाले यात्रियों को बारिश में भीगना पड़ता है।
जाम से दिलाएंगे निजात
नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा का कहना है कि शहर के चौक चौराहों के साथ ही राेडवेज बस स्टेशन पर लगने वाले जाम से लोगों को होने वाली परेशानी दूर की जाएगी। मुआयना कर लिया है। प्लानिंग कर समस्या से निजात दिलाएंगे।