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घाघरा का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा

Sat, 02 Jul 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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नदी का बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
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बनबसा बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। वहीं घाघरा नदी में आए पानी से इलाकाई लोगों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं। इसके बावजूद बंधे की सुरक्षा को लेकर चल रहा काम अब तक अधूरा है। साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है, जिसकी रिपोर्ट एसडीएम की ओर से डीएम को भेजी गई है।
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बारिश से बनबसा बैराज भी ओवरफ्लो हो गया। जिसके बाद बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी घाघरा नदी में छोड़ दिया गया है। इस पानी के एक-दो दिन में गोंडा पहुंचने की उम्मीद है, वहीं इससे पहले नदी में छोड़े गए करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी से ही नदी की धारा हिलोरें मारने लगी हैं। शुक्रवार की शाम डीएम के निर्देश पर बांध का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम अनिल कुमार मिश्र को बंधे में सात जगहों पर रेनकट्स पड़े दिखाई दिए।

एसडीएम के मुताबिक बंधे के किलोमीटर 7.900, 8.400, 34.200, 35.400, 36.00, 36.200 पर रेनकट्स के अलावा पसका के सामने बांध पर तीन जगह तथा चंदापुर किटौली के सामने बांध पर चार जगह रेनकट्स मिले हैं। जिसे तत्काल भराने के निर्देश जिम्मेदारों को दिए गए हैं। जबकि 13 कट ऐसे हैं, जिनका अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। एसड़ीएम ने बताया कि घाघरा में बनबसा का पानी डिस्चार्ज हो रहा है। एल्गिन-चरसड़ी बांध से नदी का पानी टकराता जरूर है, लेकिन बंधा पूरी तरह से मजबूत है।
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    उधर, बनबसा से छोड़े गए पानी को लेकर घाघरा का जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान के करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है। शनिवार की शाम नदी का जलस्तर 104.926 सेमी तक पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 107.06 है। एई अशोक कुमार ने बताया कि बनबसा से छोड़ा गया कुछ पानी ही अभी गोंडा पहुंचा है। बांध सुरक्षित है। 
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