गोंडा के शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में मॉकड्रिल के दौरान घायलों को ले जाते एनसीसी के
गोंडा। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के मैदान में शुक्रवार शाम सायरन बजते ही अचानक अंधेरा छा गया। बम गिरने की आवाज के साथ ही भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ ही क्षण बाद दोबारा सायरन बजा और आनन-फानन सुरक्षाकर्मी व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पीए सिस्टम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की हिदायत दी गई। अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी तत्काल बचाव कार्य में जुट गए। यह नजारा शुक्रवार को आयोजित ब्लैकआउट मॉकड्रिल में देखने को मिला।
मॉकड्रिल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने युद्ध जैसी स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने व स्वयं बचाव करने का अभ्यास किया। शाम छह बजे से 6:07 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रखा गया, जिससे चारों ओर अंधेरा छा गया। सायरन की आवाज सुनते ही लोग सतर्क होकर अपने-अपने घर और सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ गए। मॉकड्रिल का उद्देश्य यह परखना था कि मिसाइल या हवाई हमले की स्थिति में आम जनता कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है।
अभ्यास के दौरान वास्तविक युद्ध जैसे दृश्य प्रस्तुत किए गए। हवाई हमले का सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भगदड़ से बचाव, घबराहट कम करने व जान-माल की सुरक्षा के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। डीएम प्रियंका निरंजन व एसपी विनीत जायसवाल अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते नजर आए। बचाव दल के कर्मचारियों ने जमीन पर लेटकर रेंगते हुए आगे बढ़ने, सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने व घायलों को निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान आम लोगों को भी युद्ध जैसी आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया। मेडिकल टीम ने लोगों के उपचार का अभ्यास किया। मॉकड्रिल में कैडेट्स, नागरिक सुरक्षा टीम, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एडीएम आलोक कुमार, एएसपी मनोज रावत, एसडीएम अशोक गुप्ता व नेहा मिश्रा, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव, नागरिक सुरक्षा टीम के जसपाल सिंह सलूजा, अजेय विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।