गोंडा। आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से लगभग 9.5 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है। इन मतदाताओं की सत्यता की पुष्टि के लिए आधार कार्ड के अंतिम चार अंकों को जुटाया जाएगा। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब पहले ही 3.63 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार, पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची में एक ही नाम के कई पंजीकरण पाए गए हैं, जिससे एक मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य निर्वाचन आयोग ने संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की एक विस्तृत सूची जारी की है। इस सूची में गोंडा जिले से ही लगभग 9.5 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच पूरी कर ली गई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई जिले स्तर की सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूची की डाउनलोडिंग और प्रिंटिंग का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि सोमवार तक तहसीलों के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और फिर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सौंप दी जाएगी।
परसपुर में सबसे अधिक डुप्लीकेट मतदाता
चिह्नित मतदाताओं के सत्यापन के लिए उनके आधार कार्ड के अंतिम चार अंक जुटाए जाएंगे। इस प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल रखा जाएगा, जबकि अपात्र पाए जाने वाले मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया जाएगा। ब्लॉकवार डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या विभिन्न ब्लॉकों में डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या अलग-अलग पाई गई है। परसपुर ब्लॉक में सबसे अधिक लगभग 85 हजार डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है, जबकि पंडरीकृपाल ब्लॉक में यह संख्या सबसे कम लगभग 40 हजार होने की संभावना है।