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बांध से टकरा रही नदी

Sun, 31 Jul 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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गांव में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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करनैलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बरकरार है। करनैलगंज में एल्गिन-चरसड़ी बांध में कटान जारी है, जबकि नवाबगंज क्षेत्र में 13 गांवों के 57 मजरों बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां जैतपुर माझा गांव को जाने वाली सड़क बाढ़ में बह गई है। प्रशासन की ओर से यहां केवल तीन नावें लगाई गई हैं।
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करनैलगंज में रविवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर रहा। बांध पर दबाव बना होने के कारण तीन गांवों के लोग पलायन कर चुके हैं। मौके पर एसडीएम समेत कई अधिकारी कैंप कर रहे हैं।

रविवार की शाम घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। एल्गिन-चरसड़ी बांध को बचाने के लिए सरकारी अमला लगा है, लेकिन बांध पर दबाव होने के कारण सभी भयभीत भी हैं। बांध कटने की आशंका से तीन गांवों के लोग पहले ही पलायन कर चुके हैं।
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अब तब दो बार उठे मशीना से पुराना बांध करीब 50 मीटर कट चुका है। नए बांध पर दबाव होने के कारण लोग सहमे हैं। रविवार को डीएम आशुतोष निरंजन के निर्देश पर एसडीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बांध एवं बचाव का जायजा लिया। कटान के स्थान पर जीओ बैग में मिट्टी डलवाने का कार्य तेज करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि अभी तक सीमेंट की खाली बोरियों में बालू व मिट्टी को भरवाकर डलवाया जा रहा था, मगर रविवार से जीओ बैग्स में 80 किलो मिट्टी भरवाकर नदी में डलवाया जा रहा है। तरबगंज तहसील क्षेत्र के नवाबगंज इलाके में दुर्गागंज माझा के 13, जैतपुर माझा के 12, दुल्लापुर माझा के तीन, तुलसीपुर माझा के 10 तथा साखीपुर माझा के तीन मजरे बाढ़ की पानी से पूरी तरह घिर चुके हैं। जैतपुर माझा में तीन तथा दुर्गागंज माझा में एक नाव प्रशासन की ओर से लगाई गई है।  

करनैलगंज स्थित सरयू नदी में भी बाढ़ का पानी आने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। एसडीएम अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कोई खतरा नहीं है। बांध पर बचाव कार्य तेज करा दिए गए हैं। जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। बांध पर निगरानी कराई जा रही है। एई अशोक कुमार बताते हैं कि नदी बढ़ रही है। बरसात का पानी नदी में आया है। डिस्चार्ज कम होने के कारण पानी अधिक है। अब तक बांध को कोई खतरा नहीं है। 
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