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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को जांचने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग का कंट्रोल रूम तीसरी आंख की भूमिका निभा रहा है। इस कंट्रोल रूम की निगहबानी के जाल में एक पखवारे के भीतर 93 शिक्षक फंस चुके हैं। कंट्रोल रूम के इस चेकिंग अभियान में गैरहाजिर मिले इन सभी शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
वर्तमान समय में जिले के तीन हजार परिषदीय विद्यालयों में करीब 8 हजार शिक्षकों की तैनाती है। रोजाना किसी न किसी विद्यालय से शिक्षकों के विद्यालय न आने की शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग को मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए पिछले वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग ने एक कंट्रोल रूम की स्थापना की थी।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक राजेश सिंह को इस कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाकर उन्हें परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कंट्रोल रूम प्रभारी राजेश सिंह का कहना है कि इस कंट्रोल रूम से शिक्षकों की कई स्तरों पर क्रॉस चेकिंग की जाती है।
इसके तहत विद्यालय के प्रधानाध्यापक , सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक आदि से क्रमवार बात कर शिक्षकों की उपस्थिति के बाबत जानकारी की जाती है। चालू शैक्षिक सत्र में 13 से लेकर 30 जुलाई तक इस कंट्रोल रूम की निगहबानी के जाल में अब तक 93 शिक्षक फंस चुके हैं।
कंट्रोल रूम प्रभारी ने बताया कि गैरहाजिर मिलने वाले इन शिक्षकों की सूचना रोजाना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेज दी जाती है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बडे़ क्षेत्रफल के चलते चाहकर भी कोई अधिकारी रोजाना सभी विद्यालयों की जांच नहीं कर सकता।
ऐसे में शिक्षकों की निगरानी के लिए बनाया गया बेसिक शिक्षा विभाग का कंट्रोल रूम विभाग की तीसरी आंख के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम की जांच में गैरहाजिर मिले 93 शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।