जिले में शुक्रवार की रात आई आंधी व पानी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया। हालत यह है कि कई बिजलीघरों की बिजली शुक्रवार की रात से अभी भी ठप है, जिसके कारण करीब 10 लाख आबादी की बिजली गुल चल रही है।
पावर कॉरपोरेशन को आंधी-पानी से सबसे ज्यादा नुकसान बिजली की लाइन और खंभों के टूटने से हुआ है। मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी का कहना है कि आंधी-पानी से जो नुकसान बिजली की लाइनों को हुआ है, उसे ठीक कराया जा रहा है।
शुरुआत अगर गोंडा शहर से करें तो यहां रात में आंधी आते ही झंझरी बिजली घर की बिजली ब्रेकडाउन में चली गई। जबकि टाउन नंबर एक, तीन के साथ ही रानीबाजार, खैरा, खैरी और मुख्य शहर के कई इलाकों की बिजली भी आंधी से पूरी रात गुल रही।
उपखंड अधिकारी हर्षराज रस्तोगी ने बताया कि आंधी-पानी से झंझरी की बिजली रात में ब्रेकडाउन में चली गई थी, जिसे सुबह ठीक कराया। जबकि अन्य इलाकों की बिजली भी ठीक की जा रही है।
वहीं, तहसील सदर में धानेपुर, इटियाथोक, खरगूपुर और आर्यनगर की बिजली भी रात में फाल्ट आने से ब्रेकडाउन में चली गई थी। उपखंड अधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि पहले चरण में 33 केवी लाइन का फाल्ट ठीक किया गया है।
उधर, करनैलगंज, भंभुवा, परसपुर और करनैलगंज तहसील के बिजलीघरों की बत्ती भी आंधी-पानी से गुल हो गई थी। जबकि बालपुर 33 केवी लाइन की बिजली शनिवार की सुबह 11 बजे ब्रेकडाउन में आई।
उपखंड अधिकारी एसके साहू के मुताबिक लाइनों को ठीक कराया जा रहा है। वहीं, मनकापुर में मसकनवा, घारीघाट की बिजली भी रात में ब्रेकडाउन से बंद हो गई थी। फरेंदा शुकुल गांव में आंधी-पानी से चार खंभे टूटे, वहीं जिले के अन्य इलाकों में भी दर्जनों खंभों के टूटने की सूचना है।