गोंडा। सावन माह के दूसरे सोमवार को जिले के शिवालयों में बम-बम भोले और हर हर महादेव की गूंज रही। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में जलाभिषेक कर खुद के साथ परिवार के देश की खुशहाली का आर्शीवाद मांगा।
शहर के दुखहरण नाथ मंदिर, जयप्रभाग्राम के पंचमुखी महादेव मंदिर, कारोहानाथ, पचरननाथ समेत जिले के एक दर्जन से अधिक शिव मंदिरों में सुबह भोर से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर मंदिर व चौराहों पर पुलिस मुस्तैद रही। एसपी व एएसपी ने खुद भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
दुखहरणनाथ मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा था। दूर दराज व आस पास से आए हजारों श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव शिव शंभू के दरबार में मनोकामना पूर्ति के लिये हाथों में पुष्प , बेलपत्र , धतूरा , भांग , दुग्ध , कमल के साथ महादेव का दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की।
रूट डायवर्जन, अग्निशमन दल, मेटल डिटेक्टर, क्विक रेस्पांस टीम, ऐनटी रोमियो दल व अन्य पुलिस के जवान मंदिरों व भक्तों की सुरक्षा में मुस्तैद नजर आय। शिवभक्तों की संख्या को देखते हुए बड़गांव पुलिस चौकी से चार पहिया वाहनों का रास्ता भी डायवर्ट कर दिया गया था।
जयप्रभाग्राम के पंचमुखी महादेव मंदिर में दूरदराज इलाकों के भक्तों का जमावड़ा मंदिर परिसर में रहा। इस दौरान भक्तों ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए जलाभिषेक किया। एक बार में 10 से 15 लोगों को ही मंदिर के अंदर प्रवेश दिया गया।
मंदिर के व्यवस्थापक व दीनदयाल शोघ संस्थान के सचिव रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव के बारे में जागरूक किया जाता रहा। मंदिर मे प्रवेेश व निकलने का रास्ता अलग-अलग बनाया गया।
दूसरी तरफ एशिया के सबसे बड़े शिवलिंग वाले पृथ्वीनाथ मंदिर पर सावन महीने में इस बार भी जलाभिषेक नहीं हो रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन ने मंदिर में श्रद्धालुओं के जलाभिषेक पर रोक लगा रखी है।