गोंडा। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को आयोजित सामान्य बैठक में मौजूदा और आगामी वित्तीय वर्ष के विकास कार्यों के लिए 638.72 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में रोजगार सृजन, ग्रामीण सड़क निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और आयोग गठन जैसे अहम एजेंडों पर मुहर लगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 91 में से 75 सदस्य शामिल हुए। 12 एजेंडों पर चर्चा के बाद बजट को हरी झंडी दी गई। अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने प्रस्तावों की जानकारी दी।
सदस्य मनोज शुक्ल, राजेश पांडेय समेत अन्य ने अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। करनैलगंज विधायक अजय सिंह और सदर विधायक प्रतीक भूषण ने भी इसे गंभीर विषय बताते हुए अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ शिष्ट व्यवहार की नसीहत दी। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। साथ ही कार्यालय में विश्राम कक्ष सहित अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि बैठक में सदस्यों के सामने सभी एजेंडे रखे गए हैं। इसमें मौजूदा व आगामी वित्तीय वर्ष में होने वाले कार्यों को शामिल किया गया है। सदस्यों ने जल निगम आदि से होने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। समन्वय स्थापित करके समाधान किया जाएगा। बैठक में एमएलसी अवधेश कुमार सिंह मंजू, विधायक रमापति शास्त्री, विधायक बावन सिंह, विधायक प्रेमनरायन पांडेय, संजीव सिंह, डीडीओ सुशील कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
स्वीकृत हुईं प्रमुख योजनाएं
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 61 लाख मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। इसके लिए 256.48 करोड़ रुपये के श्रम बजट को स्वीकृति दी गई।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत 121 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को वित्तीय अनुमोदन मिला। 173.76 करोड़ रुपये की लागत से 145.36 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। इनमें गोंडा लोकसभा की 71 और कैसरगंज की 50 सड़कें शामिल हैं।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 117.33 करोड़ रुपये आय और 107.04 करोड़ रुपये व्यय के पुनरीक्षित बजट को स्वीकृति दी गई। शेष कार्यों को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करने का प्रस्ताव रखा गया।
- आगामी वित्तीय वर्ष में 91.15 करोड़ रुपये आय का अनुमान लगाया गया है। 85.81 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान है, जबकि 5.33 करोड़ रुपये बचत अनुमानित है।
- वर्ष 2026-27 में छठे राज्य वित्त आयोग व 16वें वित्त आयोग के गठन को लेकर भी प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। जिला पंचायत क्षेत्र में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लिए जाने वाले विभव व संपत्ति कर में कोई बदलाव नहीं किया गया। न्यूनतम 600 और अधिकतम 6000 रुपये वार्षिक कर पूर्ववत रहेगा। 20 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले प्रतिष्ठान कर मुक्त रहेंगे। वर्तमान में 3,463 व्यवसायिक प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं।
सभी मुद्दों पर गंभीरता से होगा काम
- बैठक में जिला पंचायत सदस्य के साथ ही ब्लॉक प्रमुख भी शामिल हुए। जिला पंचायत के कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई है। बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाएगा।
घनश्याम मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत सभागार में सामान्य बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधि व अन्य। - संवाद