गोंडा। विधानसभा क्षेत्र अनुदान निधि से जिले में सातों विधायक और एक विधान परिषद सदस्य को ढाई-ढाई करोड़ की पहली किस्त मिल गई है। प्रत्येक वर्ष 5-5 करोड़ रुपये हर विधानसभा सदस्य को मिलते हैं। पहली किस्त मिलने के साथ ही विकास कार्यों के ऑनलाइन प्रस्ताव लिए जा रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के साथ ही इंटरलाॅकिंग आदि के कार्य जारी की गई निधि से होने हैं। इसके लिए विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों की ओर से ऑनलाइन प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। इसके बाद सत्यापन होगा। फिर कार्यदायी संस्था तय करके कार्य कराए जाएंगे। ज्यादातर विधायकों ने सड़कों के साथ ही स्कूल भवन, यात्री शेड, बाजारों और कस्बों में उजाले के लिए हाईमास्ट लाइट का प्रस्ताव दिया है।
एमएलसी अवधेश कुमार सिंह मंजू ने बताया कि निधि से जनता से जुड़े कार्याें को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता से दिया जाता है। उन्हें तो गोंडा के साथ ही बलरामपुर में विकास कार्य के लिए प्रस्ताव देना होता है। इसी तरह अन्य विधायकों ने भी गांवों के विकास कार्यों एवं हाईमास्ट लगवाने का प्रस्ताव दिया है। माना जा रहा है कि अक्तूबर माह से कार्य शुरू हो जाएंगे। जिससे दूसरी किस्त की मांग समय से हो सके।
तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था के आधार पर प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। पहली बार विधायकों को एमएलए लैंड पोर्टल का यूजर आईडी और पासवर्ड दिया गया है। जिससे वह ऑनलाइन प्रस्ताव देने के बाद विकास भवन के डीआरडीए में हार्डकॉपी देंगे। इससे प्रस्तावों को लेकर चल रही प्रक्रिया की जानकारी मिलती रहेगी। इसके अलावा प्रस्तावों से छेड़छाड़ होने की आशंका दूर होगी।
गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि विधायक निधि की पहली किस्त मिल गई है, जिसके प्रस्तावों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया इसी महीने पूरे हो जाएगी। इसके बाद विकास कार्य शुरू होंगे। प्रस्तावों में सार्वजनिक कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।