गोंडा। रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड शमशाद उर्फ विवेक उर्फ नरेंद्र आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बिहार के चंपारण निवासी शमशाद को पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा गया है। सूचना मिलते ही गोंडा पुलिस वहां पहुंच गई और शमशाद को ट्रांजिट रिमांड पर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि कोलकाता एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों से समन्वय करके आवश्यक जानकारी जुटाई गई। इसके आधार पर बिहार से विमान से कोलकाता पहुंचे शमशाद को हिरासत में लिया गया। उसके पास से बागडोगरा का टिकट भी मिला। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शमशाद ही विवेक उर्फ नरेंद्र के नाम से कंपनी का संचालन कर रहा था।
250 युवाओं को बनाया था शिकार
नगर कोतवाली क्षेत्र में उतरौला रोड स्थित हर्ष टावर में चल रही मल्टी इमीग्रेशन काउंसिलिंग के प्रोपराइटर विवेक कुमार उर्फ नरेंद्र कुमार पर रूस की रेनसां कंस्ट्रक्शन कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 250 युवाओं से डेढ़ करोड़ से अधिक रुपये की ठगी करने का आरोप है। जांच के दौरान यह रकम बढ़कर तीन करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
अयोध्या, श्रावस्ती, बाराबंकी, बहराइच, गोरखपुर, कुशीनगर समेत चार मंडल के 11 जिलों के युवाओं ने कंपनी में पंजीयन कराया था। इन युवकों को 24 फरवरी को दिल्ली एयरपोर्ट से रूस भेजने के लिए टिकट बुक कराया गया, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर टिकट निरस्त बताया गया। जब युवक गोंडा स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इसके बाद अवधेश कुमार पांडेय की तहरीर पर विवेक कुमार, एजेंट जुल्फिकार उर्फ जुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ जालसाजी और गबन की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सर्विलांस से मिली थी लोकेशन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत के नेतृत्व में चार टीमें गठित की गईं। विवेक के विजिटिंग कार्ड पर मिले नंबर को सर्विलांस पर लिया गया तो लोकेशन पहले बिहार के पश्चिमी चंपारण और बाद में कोलकाता में मिली। इसके बाद पुलिस टीमें दोनों राज्यों के लिए रवाना की गईं थी।