मुजेहना/गोंडा। सुबह 10 बजते ही धानेपुर थाने में फरियादियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। नायब तहसीलदार और कोतवाल शिकायतें सुन रहे थे। 10:30 बजे जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की गाड़ी थाने में पहुंची तो मौजूद अधिकारी खड़े हो गए। फरियादियों की निगाह में भी उम्मीद झलकने लगी। डीएम ने कुर्सी संभालते ही एक-एक कर प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई शुरू कर दी।
सबसे पहले त्रिलोकपुर निवासी दिनेश कुमार ने शिकायत रखी। बोले- मैडम, चकमार्ग पर लोगों ने अतिक्रमण कर अपने खेत में मिला लिया है। रास्ता संकरा हो गया है, आवागमन में दिक्कत हो रही है। कई बार शिकायत की, लेकिन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल गलत आख्या लगा देते हैं कि रास्ता अतिक्रमण मुक्त है। डीएम ने तत्काल राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर चकमार्ग खाली कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। पृथ्वीपालगंज ग्रंट निवासी रामफेर ने बताया कि वर्ष 2017 में जमीन का सीमांकन हुआ था, लेकिन पत्थर नहीं लगाए गए। अब विपक्षी धार्मिक तस्वीरें लगाकर कब्जा कर रहे हैं। इस पर डीएम ने नायब तहसीलदार को दोबारा पैमाइश कराने के निर्देश दिए। कुर्मिनपुरवा उज्जैनीकला निवासी लाला ने भी सरहद विवाद में पैमाइश की मांग रखी। गोरथनिया गांव में सरकारी जमीन की रिपोर्ट लंबित होने पर लेखपाल रविंद्र कुमार को डीएम ने फटकार लगाते हुए दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा।
नगर कोतवाली क्षेत्र के रुद्रपुर विशेन गांव के महेंद्र सिंह ने सीओ सिटी आनंद कुमार राय से शिकायत की कि पड़ोसी उनकी जमीन पर गोबर फेंकते हैं और मना करने पर मारपीट की धमकी देते हैं। छावनी सरकार के डॉ. अब्दुल शाहिद ने विवादित जमीन की पैमाइश की मांग उठाई। समाधान दिवस के तहत देहात कोतवाली, इटियाथोक, मनकापुर, तरबगंज, परसपुर समेत जिले के 17 थानों में भी शिकायतें सुनी गईं।