गोंडा। नई पंचायतों के प्रस्ताव पर मंथन शुरू हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तावों पर मंथन हुआ। जिले के लोगों ने 474 नई पंचायत के गठन का प्रस्ताव दिया है।
जिले के 23 हजार लोगों ने करीब 474 नई पंचायतों के गठन का प्रस्ताव दिया है। इन प्रस्तावों की जांच करके बुधवार को सूची जारी होगी। आए प्रस्तावों की सूची प्रकाशित करने से पहले सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में खुद ही बैठकर प्रस्तावों पर मंथन किया।
गठन से जुड़े नियमों की जानकारी किया। बुधवार को प्रस्तावों की सूची जारी होने के बाद दो दिसंबर तक आपत्ति ली जाएगी है। इसके बाद मानक की पड़ताल करने के बाद नई पंचायतों के गठन की संस्तुति भेजी जानी है।
वर्ष 2015 में नई पंचायतों के गठन की कार्रवाई देरी से प्रस्ताव भेजे जाने के कारण नहीं हो पाए थे। इसलिए प्रशासन इस बार बहुत ही सावधानी से एक-एक कदम बढ़ा रहा है। हर प्रस्तावों पर नियमों के आधार पर मंथन करके कार्रवाई की जा रही है। पंचायत चुनाव के पहले नई पंचायतों का गठन होना है। वर्ष 2015 में 149 नई पंचायतों के गठन पर सहमति बन गई थी और जिला स्तरीय कमेटी ने संस्तुति भी कर दी थी।
प्रस्ताव लेने के लिए 14 दिन का समय तय किया गया था। जिसमें करीब 474 नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव विभाग को मिले हैं। प्रत्येक गांव से 50 या उससे अधिक लोगों ने प्रस्ताव दिया है। ऐसे में करीब 23 हजार लोगों की ओर से गांवों को पंचायत बनाए जाने का प्रस्ताव जमा किया गया है।
माना जा रहा है कि लोग अपने मनमुताबिक पंचायतों के गठन के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं, कई राजस्व गांव तो ऐसे हैं वह मानक भी पूरे करते हैं। उनका तो पंचायत बनना लगभग तय है, ऐसे गांवों की संख्या करीब 180 बताई जा रही है। फिलहाल आपत्तियों के बाद नए पंचायत के गठन का स्वरूप तय हो सकेगा।
14 से 18 दिसंबर तक सरकारी गजट में प्रकाशित होगी अधिसूचना
ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन व परिसीमन किये जाने की कार्रवाई 9 नवंबर से शुरू हुई थी। जिसमें 20 नवंबर तक प्रस्ताव मांगे गए थे। शुक्रवार तक 474 प्रस्ताव आ चुके हैं।
जिला पंचायतराज अधिकारी सभाजीत पांडेय ने बताया कि शासन से निर्धारित समय सारिणी के अनुसार ग्राम पंचायत पुनर्गठन के संबंध में प्रार्थना पत्र व प्रस्ताव 09 नवंबर से 20 तक प्राप्त किए जाने थे। यह कार्रवाई पूरी हो गई है। अब ग्राम पंचायत पुनर्गठन व परिसीमन के संबंध में जनपद स्तर पर 21 से 25 नवंबर तक तैयार प्रस्ताव का अनंतिम प्रकाशन की कार्यवाही होगी।
अनंतिम प्रकाशन के बाद 02 दिसंबर तक आपत्तियां प्राप्त किये जाएंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षणोपरांत निदेशालय को अंतिम संस्तुतियां 06 दिसंबर को भेजी जाएंगी। 7 से 13 दिसंबर तक निदेशालय स्तर पर अधिसूचना जारी होगी और 14 से 18 दिसंबर तक अधिसूचना का सरकारी गजट में मुद्रण और प्रकाशन होगा। इसके बाद जो पंचायत गठित होंगी उनकी सूची जारी होगी।
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर तय होंगी नई पंचायत
ग्राम पंचायत के क्षेत्र में परिवर्तन का प्रस्ताव सम्बन्धित ग्राम पंचायत अथवा उस ग्राम पंचायत के 50 या उससे अधिक निवासियों की ओर से मिले प्रस्तावों पर ही विचार होगा।
ग्राम पंचायत क्षेत्र का गठन जनगणना वर्ष 2011 के प्रकाशित आकणों के आधार पर होगा। किसी ग्राम पंचायत के पंचायत क्षेत्र के निर्धारण के लिए किसी राजस्व ग्राम या मजरे को विभाजित नहीं किया जायेगा। किसी ग्राम पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्र में केवल ऐसे राजस्व ग्राम, ग्रामों को सम्मिलित किया जायेगा जो भौगोलिक दृष्टि से एक-दूसरे से निकटस्थ हों।
राजस्व ग्राम या ग्रामों को किसी पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित करने में यह भी ध्यान रखा जायेगा कि इनके मध्य दूसरी ग्राम पंचायत का कोई प्रादेशिक क्षेत्र न पड़ता हो तथा ग्राम पंचायतो में सम्मिलित किये जाने वाले राजस्व ग्राम के बीच में कोई नदी नाला, पहाड़ या कोई प्राकृतिक अवरोध उसके बीच आवागमन में बाधक न हो।
पंचायत के लिए गांवों से आए प्रस्तावों पर आपत्ति 26 नवंबर से 2 दिसंबर तक लिए जाएंगे। इसके बाद पुनर्गठन के लिए प्रस्तावों का परीक्षण होगा और मानक पूरे करने वाले गावों को ही पंचायत का दर्जा देने की संस्तुति की जाएगी।
- सभाजीत पांडे, जिला पंचायत राज अधिकारी
पंचायतों के पुनर्गठन के लिए शासन से जारी आदेशों का अध्ययन किया गया है। उसी आधार पर प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। अभी प्रस्तावों पर आम लोगों की आपत्ति ली जाएगी।
- शशांक त्रिपाठी, सीडीओ