गोंडा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में संदिग्ध आवेदकों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। अब शासन स्तर से अपात्र पाए गए नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसके बाद पात्रों की अंतिम सूची जारी होगी।
जिले में 1.48 लाख आवेदनों का सर्वे कराया गया था। इनमें से 61,578 आवेदन संदिग्ध पाए गए, जिनका दोबारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। वहीं, पहले चरण में करीब 86 हजार आवेदक पात्र पाए गए थे, जिनके आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं।
परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि अपात्रों के नाम हटने के बाद अंतिम सूची फाइनल की जाएगी, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को आवास का लाभ मिल सके। योजना के प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को डिजाइन की जानकारी देने के लिए जिले के 15 विकासखंडों में मॉडल आवास बनाए जा रहे हैं।