गोंडा। जिला महिला अस्पताल की लिफ्ट पिछले दो दिनों से बंद है। इससे गर्भवती महिलाओं व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्भावस्था में सीढि़या चढ़ने से गर्भवती महिलाओं की सांस फूल रही है।
जिला महिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप होने से बुधवार से ही लिफ्ट का संचालन बंद है, जबकि अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर प्रथम तल पर है। गर्भवती महिलाओं को ग्राउंड फ्लोर से 15 सीढ़ी चढ़कर ऑपरेशन कराने जाना पड़ रहा है। वहीं सबसे ज्यादा मुश्किल ऑपरेशन के पहले खून आदि की जरूरी जांच को लेकर होती है। अस्पताल की चौथी मंजिल पर जांच की सुविधा है। तीमारदारों को 60 सीढि़यां चढ़कर पहले सैंपल देने जाना पड़ता है। उसके बाद फिर रिपोर्ट लेने जाना पड़ रहा है। कुछ तीमारदारों को तो दो से तीन बार जाने पर रिपोर्ट मिलती है।
बृहस्पतिवार को लिफ्ट बंद होने से कई गर्भवती महिलाएं व तीमारदार सीढि़यों से चढ़ते दिखाई पड़े। नौव्वा गांव निवासी राजरानी ने बताया कि वह खून का सैंपल देने चौथे मंजिल पर आई हैं। एक घंटा बाद रिपोर्ट के लिए बुलाया गया है। गर्मी में सीढि़यां चढ़ना बहुत मुश्किल काम है। सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार से ही अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप है। जेनरेटर से पंखा व एसी का संचालन हो रहा है, लेकिन लिफ्ट नहीं चलाई जा सकती है। बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता को अवगत कराया गया है।