गोंडा। शहर के बेलसर रोड पर पूरे शिवा बख्तावर स्थित बालाजी एसोसिएट के ऑफिस से आयकर विभाग की टीम तीन साल का डाटा कब्जे में लेकर सोमवार देर रात लखनऊ लौट गई। सूत्रों के मुताबिक टीम ने जो डाटा कब्जे में लिया है, उसमें ज्यादातर रिटर्न शिक्षकों के हैं।
मालूम हो कि देहात कोतवाली क्षेत्र के लौवाटेपरा निवासी सचिन मिश्र के ऑफिस बालाजी एसोसिएट में राजनीतिक दलों को चंदा देने के नाम पर फर्जी तरीके से टैक्स छूट लेने के इनपुट पर आयकर विभाग की टीम ने सोमवार सुबह छह बजे छापा मारा था। बड़ी रकम वाले रिटर्न व जीएसटी के एक-एक मामले में सचिन से पूछताछ की गई थी।
अपर आयकर निदेशक (रेड विंग लखनऊ) अभिषेक यादव ने बताया कि गोंडा के बालाजी एसोसिएट में छानबीन के दौरान मिले प्रपत्रों व कंम्प्यूटर विवरण की जांच चल रही है। करीब तीन साल का विवरण है, इसलिए जांच में समय लगेगा। जांच के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
पंजीकृत अधिवक्ता नहीं हैं सचिन : शशिकांत
सिविल बार एसोसिएशन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष शशिकांत शुक्ल ने बताया कि आयकर रिटर्न व जीएसटी का काम करने वाले बालाजी एसोसिएट के संचालक सचिन मिश्र पंजीकृत अधिवक्ता नहीं हैं। न किसी भी बार एसोसिएशन के सदस्य रहे हैं।