गोंडा। चौकाघाट रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर सुभाष चंद्र विश्वकर्मा के साथ मारपीट व लूट की घटना रेलवे अधिकारियों की जांच में झूठी मिली है। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया है।
चौकाघाट के स्टेशन मास्टर व नगर कोतवाली के बुधई पुरवा पूरे शिवाबख्तावर निवासी सुभाष चंद्र विश्वकर्मा का गांव के ही संजीव तिवारी से भूमि विवाद चल रहा है। बुधवार की रात 12 से सुबह आठ बजे तक सुभाष की स्टेशन पर ड्यूटी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गले में रस्सी बांधकर पहले उनका गला दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद मारपीट कर सोने की चेन व अंगूठी लूट ली गई। उनके मूर्छित होने पर हमलावर भाग गए।
इस दौरान लाइन क्लीयर न होने की कंट्रोल रूम से सूचना पर बुढ़वल स्टेशन के आरपीएफ कोतवाल अजमेर सिंह यादव एवं यातायात निरीक्षक बादशाह नगर अजय कुमार कनौजिया चौकाघाट पहुंचे। जांच में पाया गया कि स्टेशन मास्टर ड्यूटी कक्ष से मात्र 20 मीटर दूर प्लेटफार्म नंबर एक पर पड़े थे। उनके गले में जूट की पतली रस्सी लिपटी थी और आंखें खुल नहीं रही थीं। वह कुछ बोल भी नहीं रहे थे।
टीम ने चौकाघाट पर तैनात कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य को लेकर स्टेशन मास्टर कक्ष में पहुंची तो वहां रिले केंद्र बंद था और मेज पर स्टेशन मास्टर का मोबाइल रखा था। टीम स्टेशन मास्टर को रामनगर सीएचसी में ले गई। डॉक्टर ने चेकअप किया तो उनका ब्लड प्रेशर व पल्स रेट सामान्य थी। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बाराबंकी में भर्ती कराया गया। जहां से डॉक्टर ने शुक्रवार दोपहर 01:30 बजे डिस्चार्ज कर दिया।
टीम ने जांच में वारदात को फर्जी करार दिया। जांच टीम की रिपोर्ट पर रेलवे के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर अनूप सतपथी ने स्टेशन मास्टर सुभाष चंद्र विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया है। छह पर केस : जीआरपी कोतवाल बांकेलाल ने बताया कि स्टेशन मास्टर सुभाष चंद्र की तहरीर पर रंजिश में मारपीट, लूट व सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप संजीव तिवारी समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।