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Gonda News: राजघराने के मंदिर से राम-लक्ष्मण और लड्डू गोपाल की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी

Thu, 17 Jul 2025 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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परसपुर में राजमंदिर में अष्टधातु की मूर्तियां चोरी होने के बाद जांच करती वि​धि विज्ञान प्रयोगशा
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परसपुर (गोंडा)।
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राजा टोला वार्ड नंबर छह में बुधवार रात परसपुर रियासत के प्रसिद्ध राजमंदिर का ताला तोड़कर अष्टधातु की राम-लक्ष्मण व लड्डू गोपाल की मूर्तियां और सिंहासन चोरी हो गया। चोरी गई मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने घटना के खुलासे के लिए एसओजी व सर्विलांस समेत पांच टीमें लगाई हैं।
परसपुर थाने से करीब 500 दूर परसपुर स्टेट का राजमंदिर है। यहां के सर्वराकार कुंवर विजय बहादुर सिंह उर्फ बच्चा साहब ने बताया कि बृहस्पतिवार भोर उनके भाई कुंवर नरेंद्र बहादुर सिंह की पत्नी नीलम सिंह पूजा करने मंदिर गईं तो दरवाजे का ताला टूटा मिला। वहां से राम-लक्ष्मण व लड्डू गोपाल की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई थीं। प्रत्येक मूर्ति करीब 15 किलो वजनी व डेढ़ फीट लंबी थी। मंदिर से सिंहासन भी चोरी हुआ है। हालांकि मंदिर में अन्य मूर्तियों के साथ ही चांदी का छत्र को चोर नहीं ले गए।
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कस्बे के मंदिर में चोरी की खबर से भीड़ जुट गई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए। सीओ करनैलगंज विनय कुमार सिंह ने मौका मुआयना किया। एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि परसपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। छानबीन की जा रही है।
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40 साल पहले भी राजमंदिर से चोरी हुई थीं मूर्तियां

राजकुमार सोनीपरसपुर (गोंडा)। परसपुर रियासत के जिस प्राचीन राजमंदिर ठाकुरद्वारा का ताला तोड़कर गर्भगृह से अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां चोरी हुई हैं, वहां 40 साल पहले भी चोरी हुई थी। उस वक्त भी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हुई थीं, जो आज तक बरामद नहीं हो सकी हैं। मंदिर के संरक्षक कुंवर विजय बहादुर सिंह बच्चा साहब ने बताया कि जनवरी 1985 में इस मंदिर के परिक्रमा मार्ग में चोरी हुई थी। जिसमें अष्टधातु की ही माता पार्वती, सूर्य भगवान, गंगा जी व गणेश जी मूर्तियां चोरी हुई थीं। उस चोरी का आज तक खुलासा नहीं हो सका। लंबे इंतजार के बाद 21 जनवरी 2010 को राजा रघुनाथ सिंह ने चोरी गई मूर्तियों के स्थान पर संगमरमर की मूर्तियों की स्थापना कराई थी। राजमंदिर में प्रवेश के लिए उत्तर, दक्षिण, पूरब व पश्चिम में चार गेट बने हुए हैं। तीन गेट पर ताला लगा रहता है। मुख्य द्वार रात में बंद कर दिया जाता है। बच्चा साहब ने बताया कि दक्षिण दरवाजे का ताला तोड़ने के बाद कुंडी खोलकर चोरी की गई है। मंदिर के बगल में फुलवारी है। दक्षिण तरफ झाड़ी में भगवान का एक वस्त्र मिला है। मंदिर में स्थापित मूर्तियों के ऊपर लगे चांदी के चार छत्र को चोरों ने हाथ तक नहीं लगाया। जबकि चांदी के छत्र भी कीमती हैं। चोरों ने सिर्फ मूर्तियों को ही चुराया। जिससे पुलिस यह मानकर चल रही है कि पेशेवर चोरों ने वारदात अंजाम दी है। स्थानीय चोर भी हो सकते हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में अष्टधातु की इन मूर्तियों के बेशकीमती होने की जानकारी थी। आशंका है कि चोरों ने यहां रेकी करने के बाद वारदात अंजाम दी है। इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह ने बताया कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।




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