गोंडा। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय की कार्यप्रणाली पर अब सीधे प्राचार्य कार्यालय से नजर रखी जाएगी। अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक सीपी-पल्स सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनसे ओपीडी, इमरजेंसी, ओटी और वार्ड की निगरानी की जा सकेगी।
इस पहल का उद्देश्य अस्पताल में सक्रिय बाहरी दलालों पर लगाम कसना और चिकित्सकीय पारदर्शिता को बढ़ाना है। अब तक शिकायतें मिलती रही हैं कि कुछ बाहरी लोग डॉक्टरों के इशारे पर मरीजों से वसूली करते हैं, बाहर की जांच और दवाएं लिखवाते हैं। डॉक्टरों से पूछने पर वे ऐसे लोगों को पहचानने से इंकार कर देते हैं। हाल ही में ऑपरेशन थियेटर में लूडो खेलते दलालों का मामला भी सामने आया था। प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि अस्पताल परिसर के हर हिस्से में कैमरे लगाए जा रहे हैं और इनकी लाइव निगरानी उनके कार्यालय से की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बिना कारण अस्पताल में घूमता पाया जाएगा, उसकी पहचान की जाएगी। यदि कोई बाहरी व्यक्ति किसी डॉक्टर के साथ बैठा या साथ घूमता मिला तो उस डॉक्टर के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. कोटास्थाने ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में कैमरों की फीड को नेशनल मेडिकल काउंसिल से भी जोड़ा जाएगा ताकि देशभर से निगरानी की जा सके और प्रशासनिक पारदर्शिता को और अधिक मजबूत किया जा सके।