फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में आक्सीजन की किल्लत बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन भले भी अस्पतालों में आक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने का दावा कर रहा हो लेकिन जमीनी तौर पर यह कागजी साबित हो रहा है।
विज्ञापन

इसके चलते ही जिला अस्पताल में इलाज को भर्ती एक मरीज की जान समय पर आक्सीजन न मिल पाने से चली गयी। मृतक के परिजन आंखों में आंसू लिए अस्पताल में मौजूद स्टाफ व डाक्टर से मदद की दरकार करते रहे लेकिन किसी ने न सुनी।
पीड़ित ने बताया कि हड्डी वार्ड में भर्ती जयहिंद रस्तोगी की सांसे उखड़ रही थीं। वार्ड में न तो डॉक्टर था न कोई सहायक। मरीज के बेटे जयहिंद रस्तोगी की पत्नी लक्ष्मी अपने बाबू जी की हालत लगातार बिगड़ती देख इधर-उधर रोते-रोते ड्यूटी डॉक्टर के बारे में पूछती रही।
विज्ञापन

पीयूष रस्तोगी ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ घनश्याम सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने दिखवा लेने की बात कही। आधे घंटे की मश्क्कत के बाद कोई देखने तो नहीं आया, पर मरीज की सांसे सदा के थम गयी।
जिला अस्पताल में बीते सप्ताह से ही आक्सीजन की किल्लत लगातार बनी है। कुछ मरीज अस्पताल की चौखट पर अपनी बारी का इंतजार करते करते दम तोड़ दे रहे हैं, तो कुछ अस्पताल में भर्ती होने के बाद।
जानकार बताते हैं कि हर रोज 10 से 15 लोग ऑक्सीजन की कमी से अपनी जान गंवा रहे हैं। अस्पताल में बदहाली का यह आलम है कि स्ट्रेचर व व्हीलचेयर दिखाई ही नहीं पड़ रहे हैं। लोग गोदी में अपने परिजनों को वार्ड तक ले जाने को मजबूर है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल की अव्यवस्था ने कोरोना योद्धाओं व तीमारदारों को आमने सामने ला दिया है। आए दिन डॉक्टरों व तीमारदारों में झड़प देखने को मिल रही है। संसाधनों की कमी से अपनों को खोता देख तीमारदार धैर्य खो रहे हैं। आक्रोश निकालने के लिए सामने डॉक्टर को ही पा कर हंगामा मचाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें