गोंडा। परसपुर में 10 माह पूर्व हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में घायल ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है। कोर्ट ने एसपी को अपनी निगरानी में निष्पक्ष विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।
परसपुर के ग्राम परेटा बधईपुरवा निवासी अटल उर्फ गुरु प्रसाद ने 20 फरवरी 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि सुबह साढ़े छह बजे गोबर फेंकने के दौरान पड़ोसी भवानी प्रसाद, उनके बेटे गौतम, भाई त्रिवेनी और गांव के राजकमल ने रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने हमला किया और भागने पर तमंचे से फायर झोंक दिया। इससे अटल के चाचा हीरालाल, चचेरी बहनें अन्नपूर्णा और कामिनी व रविशंकर की दो वर्षीय बेटी गोली लगने से घायल हो गईं। उन्हें सीएचसी परसपुर में भर्ती कराया गया था। घायल हीरालाल ने पुलिस पर पक्षपात और टालमटोल से विवेचना करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याची को एसपी को प्रार्थनापत्र देने और एसपी को शीघ्र व निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश दिया है।