गोंडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक बच्चे को कक्षा में नहीं बैठने देने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। यशमय पब्लिक स्कूल को बच्चे को तुरंत प्रवेश देकर कक्षा में बैठाने का आदेश दिया है।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम गिर्द गोंडा में रहने वाले विनय कुमार वर्मा ने 17 जून 2025 को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि उनके पुत्र रुद्र वर्मा को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत यशमय पब्लिक स्कूल में प्रवेश मिला था। मगर स्कूल के प्रिंसिपल ने रुद्र को पढ़ाई करने से रोक दिया।
बीएसए के आदेश और चेतावनी के बावजूद स्कूल द्वारा रुद्र को कक्षा में नहीं बैठने दिया गया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कहा कि जब एक बार बच्चे को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश मिल चुका है, तो स्कूल द्वारा उसे कक्षा में न बैठने देना उचित नहीं है। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि रुद्र वर्मा को स्कूल में पढ़ाई करने की अनुमति दी जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तो प्रधानाचार्य को व्यक्तिगत रूप से अदालत की अवमानना का दोषी माना जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।