गोंडा। सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा परिणाम मंगलवार को जारी होते छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंजीकृत सभी बच्चों के कक्षा नौ की परीक्षा परिणामों के आधार पर उत्तीर्ण किया गया है।
छात्रों का कहना है कि परिणाम का काफी समय से इंतजार हो रहा था। इससे इंटर की पढ़ाई को रफ्तार मिलेगी। छात्रों में बिना परीक्षा परिणाम जारी होने का दर्द भी दिखा। कोरोना संकट से परीक्षा नहीं हो पाई, जिससे छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल सका। कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा होती तो परिणाम कुछ और ही होता।
कोरोना संकट से हाईस्कूल परीक्षा परिणाम अब जाकर आ सका। छात्रों ने काफी तैयारी की और ऑनलाइन क्लास लिए। उन्हें लंबे समय से परिणाम का इंतजार था। वह अपने आगे की तैयारी बढ़ा सकें। मंगलवार को परिणाम जारी होने से छात्रों में खुशी का ठिकाना न रहा है। परिणाम जारी होने पर स्कूल के शिक्षकों ने फोन पर बधाई दी। छात्रों को स्कूल बुलाने पर रोक लगी थी। परिवार में बड़ों ने बच्चों को मिठाई खिलाकर हौसला बढ़ाया।
बिना परीक्षा के परिणाम मिलने से उतनी खुशी तो छात्रों में नहीं दिखी। कॉलेजों की ओर से कोई मेरिट सूची नहीं जारी की गई। कॉलेज का मानना है कि छात्रों ने तैयारी की थी, परीक्षा नहीं हो सकी है। मेरिट जारी करना या फिर किसी छात्र को छोड़ना और किसी को सम्मानित करने नहीं किया जाना है। सभी छात्रों को भविष्य की शुभकामनाएं दी गई हैं। छात्रों ने देर से सही पर परिणाम जारी करने के लिए बोर्ड का आभार जताया।
सीबीएसई बोर्ड के हाईस्कूल का परिणाम जारी होने से स्कूलों के शिक्षक और परिजन गदगद रहे। छात्रों को जानकारी देने के लिए शिक्षक मौजूद रहे। फातिमा कालेज में 202, रघुकुल विद्यापीठ में 550, रवि चिल्ड्रेन में 79, महार्षि स्कूल में 77, केंद्रीय विद्यालय में 59, नवोदय के 90 समेत करीब एक दर्जन स्कूलों के दो हजार छात्रों के परिणाम जारी हुए हैं।
जिसमें सभी को पास किया गया है और उनके पूर्व की क्षमता के आधार पर ही परिणाम दिया गया है। माना जा रहा है कि साल बर्बाद न हो, इसलिए बोर्ड की ओर से परिणाम जारी करने के लिए नवीन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।