गोंडा। पंचायत चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद गांवों का माहौल बदल गया है। कई चुनाव हारने वाले खुन्नस निकालने की जुगत में लग गए हैं तो कई के बीच बनी दरार और गहरी हो गई है। इसको लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और गांवों पर नजर रखने के लिए पुलिस को निर्देश दिया गया है।
जिले में पंचायत चुनाव संपन्न होते हुए गांवों में कई लोगों को नया ताज मिला है तो कई लोग निराश हुए हैं। वोटरों ने भी प्रत्याशियों को खूब छकाया है। पंचायत चुनाव के संपन्न होते ही गांवों में चुनाव हारने वाले दावेदारों में खुन्नस पैदा हो गया है। अब देख लेने की होड़ लगी है।
इसमें रास्तो रोकने, अपनी जमीन में नाली के निकास को रोकने तथा कई अन्य तरह के मामले तूल पकड़ेंगे। कई प्रत्याशियों ने लाखों रुपये खर्च किए लेकिन चुनाव हार गए तो कई बिना पैसा खर्च किए ही चुनाव फतह कर ले गए। प्रत्याशियों ने वोटरों को लुभाने के लिए पैसा, शराब सहित कई चीजें बांटीं इसके बावजूद चुनाव हार गए।
कई ने चुनाव जीत भी लिए। अब जमीन विवाद का बढ़ना तय माना जा रहा है जिससे आए दिन मारपीट की नौबत आनी तय है। पंचायत चुनाव का खुन्नस निकालने के लिए दावेदार अभी से प्लान बनाने लगे हैं। इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी थानों की पुलिस को क्षेत्र में चौकसी बढ़ाने तथा हर मामले पर नजर रखने के निर्देेश दिए हैं।
प्रधानी चुनाव गांव से जुड़ा होने के नाते लोग किसी न किसी दावेदार से जुड़े होते हैं। पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान अधिकांश वोटर तो चुप रहते हैं लेकिन कुछ लोग लामबंद होकर मुखर हो जाते हैं। यहां तक जीतने वाले हारने वाले की हूटिंग भी करते हैं। इसमें प्राय: मारपीट की नौबत आ जाती है। इस लामबंदी के कारण होने वाली किसी घटना को रोकना आसान नहीं होता है।