मनकापुर (गोंडा)। कोतवाली क्षेत्र के बड़की खेसरी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में साधुरी देवी (22) का शव मिला है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आसपास के लोगों ने बताया कि घर का दरवाजा बाहर से बंद था।
ग्रामीणों ने बताया कि साधुरी तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। करीब 20 साल पहले पिता रामसेवक की मौत हो गई थी। दो महीने पहले मां सावित्री का भी निधन हो गया। साधुरी भाई नेबू लाल व उनकी पत्नी किस्मता के साथ रहती थीं। उनकी बड़ी बहन माधुरी शादीशुदा हैं। 10 दिन पहले भाई नेबू लाल रोजी-रोटी के लिए गुजराज चले गए। शनिवार सुबह भाभी किस्मता और साधुरी घर में थीं। मगर दोपहर बाद किस्मता मायके चली गई थीं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमलेश मौर्य ने बताया कि साधुरी नहीं दिखी तो पड़ोस के लोग दरवाजा खोलकर अंदर गए। भीतर वह जमीन पर मृत अवस्था में पड़ी मिली। कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की भाभी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (संवाद)