मुठभेड़ में घायल बदमाश को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी व माैके पर पड़ी बाइक। स्रोत: पुलिस मीडिया
करनैलगंज (गोंडा)। क्षेत्र में नारायणपुर माझा क्रॉसिंग के पास सोमवार देर रात पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम से मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घेराबंदी करके पुलिस ने उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मंगलवार को इन्हीं बदमाशों के एक अन्य साथी को भी दबोच लिया गया। पुलिस का दावा है कि इन्हीं बदमाशों ने पिछले दिनों करनैलगंज इलाके में सराफ को लूटा था। आरोपियों के पास से लूटा गया बैग, सोने-चांदी के आभूषण, 6,900 रुपये नकदी, एक मोबाइल, तमंचा और बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक बरामद हुई है।
सदर बाजार निवासी सराफ राजन सोनी 28 अप्रैल को बाइक से नारायणपुर माझा स्थित दुकान जा रहे थे। रास्ते में खाटू श्याम मंदिर मोड़ के पास बाइक सवार तीन बदमाश असलहे के बल पर उनसे बैग लूटकर भाग गए थे। बैग में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी रखी थी। वारदात के खुलासे के लिए एसपी ने पांच टीमों को लगाया था।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सोमवार देर रात करनैलगंज पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम को सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश नारायणपुर माझा क्रॉसिंग के पास मौजूद हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बृजेश शुक्ल निवासी बेहड़ा थाना कौड़िया के दाहिने पैर में गोली लग गई। मौके पर ही पुलिस टीम ने घेराबंदी करके उसके साथी अमर शुक्ल उर्फ ननके निवासी पिपरी मांझा थाना कटरा बाजार को भी दबोच लिया। घायल बृजेश शुक्ल को पहले सीएचसी करनैलगंज ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को गोंडा-लखनऊ मार्ग के मंडी मोड़ से तीसरे आरोपी बाबूराम निवासी मनोहरजोत थाना खरगूपुर को भी गिरफ्तार कर लिया। सराफ से लूट के मामले में रेकी करने वाले एक अन्य आरोपी की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। पकड़े गए एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है। खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
75 किमी दायरे में खंगाले 500 सीसीटीवी
लूट के खुलासे के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर तकनीकी जांच की। करीब 75 किलोमीटर के दायरे में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मैनुअल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ट्रेस किया गया। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो वारदात से पहले रेकी करता था और फिर सुनसान स्थान पर लूट की वारदात अंजाम देता था। सराफ राजन सोनी को लूटने से पहले कई दिन तक उनकी भी रेकी की गई थी। इसके बाद वारदात अंजाम दी गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र में भी इसी तरह की एक लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
मुठभेड़ में घायल बदमाश को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी व माैके पर पड़ी बाइक। स्रोत: पुलिस मीडिया