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पांच करोड़ का सामान लेकर ठेेकेदार लापता

Thu, 23 Jun 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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उत्पादन लागत में कमी आई - फोटो : Getty
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केंद्र सरकार की मजरों को बिजली देने की योजना पर पावर कॉरपोरेशन के ठेकेदार पूरी तरह से पानी फेरने पर आमादा हैं। आरजीजीवीवाई के तहत मजरों में विद्युतीकरण का जो काम कई महीने पहले चालू हो जाना चाहिए था, उसे पावर कॉरपोरेशन से ठेका पाई कार्यदायी संस्थाएं अब तक नहीं शुरू कर पाई हैं। जिससे गोंडा के 5700 तो बलरामपुर के करीब ढाई हजार मजरों में फैलने वाले उजाले के ख्वाब पर ग्रहण लगा दिखाई दे रहा है।
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हालत यह है कि पावर कॉरपोरेशन से करीब पांच करोड़ रुपये का सामान यह कार्यदायी संस्थाएं अब तक उठा चुकी हैं, लेकिन गांवों में मौके पर न तो बिजली का खंभा गड़ता दिखाई दे रहा है और न ही किसी मजरे का विद्युतीकरण हो रहा है।
पावर कॉरपोरेशन के स्टोर डिवीजन से गों
डा के लिए पांच हजार तो बलरामपुर जिले के लिए सात हजार बिजली के सीमेंटेड खंभे अब तक रिलीज किए जा चुके हैं। जबकि इन्हीं खंभों के साथ बिजली के तार, क्रॉसआर्म, पिन इंसुलेटर, नट-बोल्ट, क्लैंप, एलटी क्लैंप, अर्थिंग राड सहित न जाने कितने और भी सामान ठेकेदारों को रिलीज किए गए हैं, जिसकी कुल लागत पांच करोड़ रुपये से ऊपर बताई जा रही है। लेकिन इनमें से ज्यादातर सामान कहां और किस ठेकेदार के यहां रख है, इसका पता नहीं है।
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कुछ जगहों पर तो स्टोर से सामान उठवाकर साइट पर पहुंचा दिया गया है, लेकिन ज्यादातर ऐसे मजरे, जिसका विद्युतीकरण होना है, वहां अभी तक यह सामान नहीं पहुंचा है। इससे उन मजरों के होने वाले विद्युतीकरण की प्रक्रिया खटाई में पड़ी है।

गोंडा-बलरामपुर में 8200 मजरों का जो विद्युतीकरण पावर कॉरपोरेशन को करना है, उसके लिए जहां कुछ सामानों की व्यवस्था पावर कॉरपोरेशन ने अपने स्टोर डिवीजन में कर दी है तो वहीं विद्युतीकरण में प्रयुक्त होने वाले कुछ सामान ठेकेदार को भी परचेज करना है। लेकिन वह सिर्फ कॉरपोरेशन के स्टोर से ही सामान उठाता जा रहा है। जबकि खुद के स्तर से खरीदे जाने वाले सामानों की अभी तक उसने परचेजिंग ही नहीं की है। जिससे मजरों के होने वाले विद्युतीकरण की रफ्तार तेज होती नहीं दिखाई दे रही।

शुरुआत में आरजीजीवीवाई के दूसरे फेज में होने वाले विद्युतीकरण का ठेका पाई कार्यदायी संस्था वैरीगेट ने जिस जगह पर विद्युतीकरण का काम छोड़ा था, ठीक उसके 6 महीने बाद भी विद्युतीकरण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिसके काम में कोई तेजी अब तक नहीं आ पाई है।   ज्यादातर ठेकेदारों ने कॉरपोरेशन से काम लेकर ऐसे पेटी कांट्रैक्टरों को बांट दिया है, जो सामान खरीद पाने की स्थिति में ही नहीं है। ऐसे में वह मजरों का विद्युतीकरण कराएंगे भी तो कैसे, यह एक सवाल बना हुआ है।

मुख्य अभियंता, पावर कॉरपोरेशन मध्यांचल गोंडा हर्ष मुंशी का कहना है कि गोंडा, बलरामपुर, दोनों जिलों में ज्यादातर कार्यदायी संस्थाओं ने करोड़ों रुपये का सामान तो स्टोर से उठा लिया है। लेकिन विद्युतीकरण नहीं कर रही हैं। जिसके लिए ऐसे सभी ठेकेदारों को नोटिस भेजकर इसका जवाब मांगा जा रहा है। रही बात स्टोर से उठाए गए सामानों की चोरी की तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार व स्थानीय अवर अभियंता की होगी। इसलिए अवर अभियंता से भी इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
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गोंडा-बलरामपुर में इन संस्थाओं को मिला है काम-
जिला        विकासखंड                    कार्यदायी संस्थाएं
गोंडा        झंझरी, मुजेहना, इटियाथोक            एसएमएम इंफ्राटेक
        परसपुर, करनैलगंज                जन्मेजय सिंह
        वजीरगंज, तरबगंज, नवाबगंज, बेलसर        जनता इंटर प्राइजेज
        मनकापुर, छपिया                अग्रवाल इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स
        कटराबाजार, हलधरमऊ                तिवारी इंडस्ट्रीज
        बभनजोत                    अग्रवाल इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स
        पंडरीकृपाल                    सिद्धी इंटरप्राइजेज
        रुपईडीह                    बालाजी भगवती इंटरप्राइजेज
बलरामपुर    सदर, हरैया सतघरवा                अग्रवाल इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स
        उतरौला, गैसड़ी                    एक्सिक्राउन इंफोटेक
        रेहराबाजार, गैड़ासबुजुर्ग                सौरभ इंटरप्राइजेज
        तुलसीपुर, पचपेड़वा                देव इंजीनियरिंग
        श्रीदत्तगंज                    अनिल कुमार
नोट : कॉरपोरेशन से विद्युतीकरण का ठेका पाई इन कार्यदायी संस्थाओं ने अपना ज्यादातर काम पेटी कांट्रैक्टरों को बांट दिया है।
 
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