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Gonda News: ढेमवा घाट मार्ग बंद होने से दूध-खोवा का व्यापार प्रभावित

Sun, 06 Jul 2025 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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ढेमवाघाट मार्ग पर पानी भरने से झाड़ियों के बीच से आवागमन करते लोग। - संवाद 
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विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद हुआ ढेमवा मार्ग आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। हजारों लीटर दूध व खोवा का व्यापार प्रतिदिन इसी मार्ग से होता है। अयोध्या से भी लोग यहां से दूध लेने आते हैं, लेकिन मार्ग पर बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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नवाबगंज व तरबगंज ब्लाॅक के माझा क्षेत्र के दर्जनों गांवों से लोग ढेमवा मार्ग से अयोध्या व लखनऊ तक दूध व खोवा का व्यापार करते हैं। इनमें दत्तनगर, साकीपुर, बनगांव, सरावा, गोकुला, बहादुरपुर, परास आदि गांव शामिल हैं। एक सप्ताह से ढेमवा के वैकल्पिक मार्ग पर पानी भर जाने से हजारों लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, व्यापार, नौकरी आदि से जुड़े लोगों की दुश्वारिया बढ़ गई हैं। रोजमर्रा की जरूरतों और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, दवा इलाज के लिए सोहावल जाने के लिए लोग जान हथेली पर लेकर इस रास्ते से निकल रहे हैं। ब्योंदा व बहादुरपुर के लोग ढेमवा पुल पर बांस-बल्लियों की सीढ़ी के सहारे चढ़कर उस पार जा रहे हैं। इसी सीढ़ी से दूध, खोवा, राशन, साइकिल आदि लेकर लोग चढ़ और उतर रहे हैं।







प्रभावित होगी आर्थिक स्थिति
श्यामलाल यादव ने बताया कि ढेमवा मार्ग बंद होने से गांव के लोगों का खोवा व दूध का व्यापार प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने आवागमन के लिए कोई नाव व स्टीमर नहीं चलाया है। यदि दूध व खोवा की बिक्री नहीं होगी तो लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। दत्तनगर के साथ ही दूर के गांवों के लोग भी इसी रास्ते से अयोध्या जाते हैं। सभी को समस्या हो रही है।
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मार्ग बंद होने से पढ़ाई बाधित
वाल्मीकि विश्वकर्मा का कहना है कि मार्ग बंद होने से बच्चों की शिक्षा पर प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र से सैकड़ों बच्चे पढ़ाई के लिए सोहावल व अयोध्या जाते हैं। पानी में नाव भी नहीं चल रही है। बच्चों की पढ़ाई एक सप्ताह से बंद है। नवाबगंज से होकर स्कूल पहुंच पाना संभव नहीं है। शासन-प्रशासन को इस पर भी ध्यान देना चाहिए।
जीविका पर पड़ रहा असर
स्थानीय निवासी सतीश का कहना है कि गांव व क्षेत्र के लोग रोजी-रोटी के लिए अयोध्या जाते हैं। सोहावल बाजार में क्षेत्रीय लोग ठेला लगाकर कर जीविका चलाते हैं। रास्ता बंद होने और आवागमन का कोई विकल्प न होने से उनके लिए बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है। उस पार नहीं जा पाने से लोगों का धंधा बंद हो जाएगा।
इलाज में भी दिक्कतें
स्थानीय ग्रामीण छोटेलाल का कहना है कि ढेमवा मार्ग से सोहावल व अयोध्या सबसे नजदीक का बाजार हो गया है। इलाज के लिए अयोध्या व लखनऊ का सफर भी आसान हो गया था। देर रात भी यदि कोई बीमार होता है तो कुछ ही देर में अस्पताल पहुंच जाते हैं, लेकिन ढेमवा मार्ग बंद होने से अब नवाबगंज होकर जाना पड़ेगा, इससे परेशानी होगी।
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