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उपनिदेशक का हस्ताक्षर करने वाला लिपिक कार्यमुक्त

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गोंडा। समाज कल्याण विभाग से संचालित तीन आश्रम पद्धति स्कूलों में दो स्कूलों के शिक्षकों के नवीनीकरण के आधार पर नियुक्ति किए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। नवीनीकरण की प्रक्रिया की रिपोर्ट उपनिदेशक की गैरमौजदूगी में उनके स्थान पर हस्ताक्षर कर भेजने वाले वरिष्ठ सहायक को बस्ती जनपद के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। वहीं शासन ने रिक्त चल रहे उपनिदेशक पद का प्रभार नवीन तैनाती तक जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल को मिला है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वहीं अब तीनों स्कूलों के 55 शिक्षकों के नवीनीकरण के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
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समाज कल्याण विभाग से तीन राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल करनैलगंज में सकरौरा, शहर में सिविल लाइन और मुजेहना के विशंभरपुर में बालिकाओं के स्कूल संचालित हैं। इसमें सकरौरा में 19, सिविल लाइन स्थित स्कूल में 17 और विशंभरपुर में 19 शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी तैनात हैं। बीते 14 अक्तूबर को जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजी नवनीकरण की रिपोर्ट में उपनिदेशक के स्थान पर हस्ताक्षर बनाकर वरिष्ठ सहायक विश्वनाथ ने सकरौरा के 19 व सिविल लाइन के 17 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के नवीनीकरण किए जाने की जानकारी भेजी थी।
इसमें विशंभरपुर के 19 कर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया गया था। मामले का खुलासा होने के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाया और उपनिदेशक के पद रिक्त होने से चल रही मनमानी रोकने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी मोतीलाल को अतिरिक्त प्रभार उपनिदेशक का सौंप दिया है। इसके अलावा सभी शिक्षकों व कर्मियों के नवीनीकरण की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
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इसके साथ ही बीते जुलाई माह से नवीनीकरण के फेर में शिक्षकों व कर्मियों के वेतन देने की कार्रवाई भी पूरी हो गई है। माना जा रहा है कि नवीनीकरण की कार्रवाई समय से करने के कारण वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा था। अब वेतन देने का रास्ता भी साफ हो गया है। बताया कि जा रहा है कि उपनिदेशक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक विश्वनाथ का तबादला माह जून में बस्ती जनपद के लिए हो गया था।
प्रभाव के बूते वह अभी तक कार्यालय में जमा रहा, अब उसे भी बस्ती जनपद के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। फिलहाल इस कार्यमुक्ति को लेकर एक बार फिर विभाग सवालों से घिर गया है। जून में तबादले के बाद कार्यमुक्त न किए जाने से अब शैक्षिक सत्र में कार्यमुक्त किए जाने की कार्रवाई चर्चा में है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों के सामने कई तरह की समस्याएं होंगी। फिलहाल उपनिदेशक के हस्ताक्षर करने के मामले में चर्चा में आने के बाद विभाग कार्यमुक्त किए जाने की कार्रवाई की है। इसे शासन ने भी गंभीरता से लिया है।
कृते की आड़ में कई विभागों में चल रहा है हस्ताक्षर का खेल
विभागों में अक्सर सामान्य सूचनाओं को भेजने के लिए वरिष्ठ सहायकों या लिपिकों को कृते करके हस्ताक्षर करने की छूट है। लेकिन ऐसे हस्ताक्षर वित्तीय मामलों के साथ ही गंभीर मामलों में नहीं किया जाना है। बावजूद इसके समाज कल्याण विभाग में नवीनीकरण के आधार पर होने वाली नियुक्तियों की रिपोर्ट में वरिष्ठ सहायक ने उपनिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद पर खुद का हस्ताक्षर बना दिया। इसके खुलासा होने पर कई विभागों के कान खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि ऐसे ही कई विभागों में गंभीर मामलों में भी हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।
सभी शिक्षकों का किया गया नवीनीकरण
वरिष्ठ सहायक को कार्यमुक्त कर दिया गया है, उनका तबादला पहले से बस्ती हो चुका था। इसके अलावा सभी शिक्षकों का नवीनीकरण करके वेतन बिल तैयार कर दिया गया है। उपनिदेशक का कार्यभार शासन के आदेश पर ग्रहण कर लिया है। -मोतीलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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