गोंडा। रोडवेज बस अड्डा के पास एक बार फिर डग्गामारी का खेल शुरू हो गया है। बीते 19 नवंबर को आईजी अमित पाठक की बड़ी कार्रवाई के बाद भी हालात में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर जायजा लिया, जिसमें साफ दिखा कि न डग्गामारी रुकी है और न ही जिम्मेदार अफसरों ने व्यवस्था सुधारने की कोई सकारात्मक पहल की है।
दरअसल, रोडवेज प्रशासन ने कई बार इसको लेकर शिकायत की थी। रोडवेज बस स्टेशन के आसपास डग्गामारी पर रोक के बाद भी स्थिति जस की तस है। एलबीएस चौराहे से लेकर गुरुनानक चौक, एलबीएस चौराहे से बीएसएनएल को जाने वाली सड़क के साथ ही बहराइच रोड पर भी ऐसे वाहनों का जमावड़ा रहता है। यह हाल तब है, जब आईजी ने बीते दिनों गुरुनानक पुलिस चौकी के सभी कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था, लेकिन परिवहन विभाग और यातायात विभाग की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
सीओ यातायात राजेश सिंह ने बताया कि रोडवेज बस अड्डे के पास प्राइवेट टैक्सी खड़ी करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चोरी-चुपके जो भी वाहन सवारी बैठाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ आरसी भारतीय ने बताया कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध रूप से जो भी वाहन सड़क पर चलते दिखाई दे रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सीज हुए थे 12 वाहन
आईजी अमित पाठक ने बीते 19 नवंबर को ''''पुलिस'''' लिखी अर्टिगा सहित 12 वाहन सीज किए थे। इसके बावजूद पुलिस लिखी अर्टिगा एक बार फिर शुक्रवार को गुरुनानक पुलिस चौकी से थोड़ी ही दूर पर फिर सवारी बैठाती नजर आई। चालक बस चौराहे से सवारी का बैग लाकर गाड़ी में रखता दिखाई पड़ा।
सीओ की गाड़ी दिखते ही बदली पोजिशन
रोडवेज बस अड्डे के पास एक अर्टिगा यात्रियों का इंतजार करती खड़ी थी। तभी सीओ की गाड़ी गुरुनानक चौकी के पास रुकी। इसे देखते ही अर्टिगा चालक तुरंत गाड़ी हटाकर पास के पेट्रोल पंप के पास ले गया। कुछ ही देर में जब माहौल सामान्य हुआ तो वह फिर से यात्रियों को बैठाने लगा।
बोले यात्री, जब रसूखदार कर रहे डग्गामारी तो कैसे हो कार्रवाई
-यात्रियों का कहना है कि छापे से भगदड़ मचती है, पर व्यवस्था नहीं बदलती। अधिकतर अर्टिगा रसूखदार लोग ही संचालित करवा रहे हैं। अधिवक्ता कृष्णानंद ने कहा कि ये डग्गामार वाहन बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी कर सवारी बैठाने लगते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। सिर्फ कार्रवाई का दिखावा करने से व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। अनुभव शुक्ल ने कहा कि सीज किए गए वाहनों के परमिट व लाइसेंस पर कठोर कार्रवाई जाए।