आला अफसरों की नसीहत भी थानों की पुलिस के लिए बेकार साबित हो रही है। अधिकारी मीटिंग में मातहतों को लोगों के बीच पुलिस की छवि सुधारने की समय-समय पर नसीहत देते रहते हैं, मगर थानों की पुलिस अधिकारियों के निर्देश को भी दरकिनार करती रहती है। ऐसा ही एक मामला नवाबगंज क्षेत्र में सामने आया है। जिसमें पुलिस की लापरवाही के चलते एक व्यक्ति का शव सड़क पर चौबीस घंटे तक पड़ा रहा। जब शव पड़ा होने की खबर पूरे क्षेत्र में फै ल गई, तब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर नवाबगंज क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के कटरा मार्ग पर नकहा पुल के पास मंगलवार की दोपहर बाद लोगों ने एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव पड़ा देखा। उधर से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना नवाबगंज पुलिस को दी, मगर पुलिस ने शव नहीं उठवाया। शव पड़ा होने के 24 घंटे बाद 20 जुलाई की दोपहर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
लोगों का कहना है कि जहां शव पड़ा था, वह क्षेत्र नवाबगंज के हलका नंबर एक में आता है। आला अधिकारी मातहतों को हलका पर नजर रखने के निर्देश देते हैं, मगर मातहतों पर अधिकारियों का निर्देश भी यहां काम नहीं आया।
यहां के हलका दरोगा व सिपाही का सूचना तंत्र बेकार साबित हुआ। जबकि इस बीट में दो दरोगाओं सुदामा यादव व राघवेंद्र सिंंह समेत सिपाही अजय सिंह, रमेश यादव व अंगद राय की तैनाती है। पांच पुलिसकर्मियों में से शव पड़ा होने की सूचना किसी को नहीं मिली।
यह सवाल उठा रहा है कि पुलिस की लापरवाही से चौबीस घंटे बाद शव को उठाया गया। थानाध्यक्ष नवाबगंज बृजेंद्र सिंह का कहना है कि शव पड़ा होने की सूचना 19 जुलाई को नहीं, 20 जुलाई को देर से मिली थी, इसलिए शव पड़ा रहा। मगर सूचना मिलते ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है।