गोंडा। इटियाथोक के विशुनपुर तिवारी के रमगढि़या की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमिला तिवारी (40) हत्याकांड के आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस को कोर्ट से अनुमति मिल गई है।
बीते 25 जुलाई को प्रमिला तिवारी की गन्ने के खेत में हत्या कर दी गई थी। प्रमिला के पति देव प्रकाश ने गांव की एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। मगर करीब सात माह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय ने बताया कि आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है।
एक नजर में पॉलीग्राफ टेस्ट
पॉलीग्राफ टेस्ट को लाई डिटेक्टर टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है। इस टेस्ट की मदद से पता लगाया जाता है कि कोई व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। इस टेस्ट में आरोपी के शरीर में होने वाले बदलावों को मापा जाता है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उपनिदेशक डॉ. रामकुमार ने बताया कि टेस्ट झूठ पकड़ने के लिए कराया जाता है। हालांकि इसे साक्ष्य के तौर पर कोर्ट नहीं मानता है। उन्होंने बताया कि ये जांच लखनऊ में होती है।