गोंडा। जिला पंचायतों का पांच वर्ष का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। नई जिला पंचायत के गठन तक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अब प्रशासक की जिम्मेदारी संभालेंगे। शासन ने 12 जुलाई से उन्हें अधिकतम छह माह अथवा निर्वाचन के बाद नई जिला पंचायत के गठन तक, जो भी पहले हो, प्रशासक नामित करने का निर्णय लिया है।
सामान्य पंचायत निर्वाचन-2021 के बाद गठित जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया। सामान्य निर्वाचन-2026 के बाद नई जिला पंचायत की प्रथम बैठक होने तक कामकाज सुचारु रखने के लिए शासन ने यह व्यवस्था की है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि शासन ने संबंधित जिलाधिकारी व जिला मजिस्ट्रेट को निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नामित करने के लिए अधिकृत किया गया है। प्रशासक केवल सामान्य और नियमित कार्यों का निर्वहन करेंगे। उन्हें नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा। विशेष परिस्थितियों में नीतिगत निर्णय से संबंधित प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे।