तरबगंज/पसका। खरीफ सीजन के बीच यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने से शनिवार को सहकारी समितियों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खाद लेने के लिए किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। दस्तावेजों की जांच और बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही उर्वरक का वितरण किया गया।
पुरैना स्थित साधन सहकारी समिति मलांव पर 200 बोरी डीएपी व 300 बोरी यूरिया का वितरण किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान समिति पहुंच गए, जिससे लंबी कतारें लग गईं। प्योली निवासी अमरबहादुर सिंह ने बताया कि समय पर खाद नहीं मिलने से मक्के की बोआई प्रभावित हो रही थी। सुबह से लाइन में लगने पर दोपहर बाद खाद मिली है। समिति के सचिव राजेंद्र पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक किसान का फार्मर आईडी, आधार कार्ड और बायोमीट्रिक सत्यापन करने के बाद ही खाद दी जा रही है। इससे वितरण में समय जरूर लग रहा है, लेकिन पारदर्शिता बनी हुई है।
वहीं ढोंढेपुर में बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति का संचालन शुरू होने के साथ ही किसानों को खाद वितरण प्रारंभ हो गया। समिति सचिव सर्वेश तिवारी ने बताया कि पीओएस मशीन पर सत्यापन के बाद ही किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
2919 मीट्रिक टन यूरिया की नई खेप पहुंची
गोंडा। जिले में शनिवार को 2919 मीट्रिक टन यूरिया की नई खेप पहुंच गई है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि जिले में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। नई खेप मिलने के बाद 117 निजी बिक्री केंद्रों पर 1228 मीट्रिक टन और सहकारिता क्षेत्र के 121 बिक्री केंद्रों पर 1591 मीट्रिक टन यूरिया भेजा जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। जिले में वर्तमान में 8291 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जिसमें 4794 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र और 3497 मीट्रिक टन सहकारिता क्षेत्र में है। इसके अलावा 5869 मीट्रिक टन एनपीके भी उपलब्ध है, जिसमें 4800 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र तथा 1069 मीट्रिक टन सहकारिता क्षेत्र में मौजूद है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार किसान रजिस्ट्री और खतौनी के आधार पर अपने नजदीकी बिक्री केंद्र से उर्वरक खरीदें।