बभनान/मसकनवा (गोंडा)। भगवान घनश्याम महराज की जन्मस्थली स्वामी नारायण मंदिर में दशहरा त्यौहार पर दैहिक दूरी को ध्यान में रखकर शस्त्र पूजन महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मनाया गया।
भगवान घनश्याम महराज के सातवें वंशज आचार्य परम पूज्य कौशलेंद्र महराज का 49 वां जन्मोत्सव सादगी के साथ प्रतीक के रूप में मनाया गया। विजय दशमी पर मंदिर में सुबह क्षेत्रीय हरि भक्तों ने दर्शन किया। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। भगवान का स्वर्ण मुकुट से दिव्य शृंगार किया गया। धनुष, वाण, कटार, तरकश, लाठी, बरक्षी, भाला, भुजाली, तलवार, ढाल, बंदूक, रिवाल्वर व राइफल आदि का पूजन मंदिर के महंत देव प्रकाश स्वामी, कोठरी विष्णु स्वामी ने पंडित प्रह्लाद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया।महंत स्वामी देव प्रकाश स्वामी ने बताया कि दशहरा के दिन पूजन का विशेष महत्व होता है।
संगीतमय भजन स्वामी नारायण का जाप किया गया। आरती के बाद जलेबी और फाफड़ा प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर गुरू जगत प्रकाश स्वामी, विष्णु स्वामी, सुधांशु गुप्त, श्याम बाबू कमल, भक्ति केशव स्वामी, हरि दर्शन स्वामी, अनघ, सागर भगत, भक्ति स्वामी, सुमित भगत, भूपति जंक्शन तिवारी, अयोध्या भाई आदि मौजूद रहे। संवाद