गोंडा। भीषण गर्मी व उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। सोमवार को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक लोग कड़ी धूप से परेशान रहे। रविवार को तापमान 36 डिग्री सेल्सियस था जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान चार डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 40.12 डिग्री सेल्सियस हो गया, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
जुलाई में एक बार फिर गर्मी तेवर दिखाने लगी। सुबह नौ बजे तक तेज धूप निकल आई। दोपहर तक सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। जरूरी काम होने पर लोग कपड़े से चेहरा ढककर निकले। भीड़भाड़ वाले चौक बाजार, महिला अस्पताल चौराहा, बस स्टॉप पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़क की पटरी पर छांव में लगे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोग गला तर करते दिखाई पड़े।
ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़
मौसम में अचानक बदलाव के कारण बीमारियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल की ओपीडी खुलने पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। मेडिसिन की तीन डॉक्टरों की ओपीडी में कुल 573 मरीजों का उपचार हुआ। 300 से अधिक मरीज मौसम जनित बीमारी से पीड़ित रहे। फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण डायरिया के मरीज बढ़े हैं। डायरिया के लक्षण होने पर ओआरएस का घोल पिएं। तत्काल करीबी सरकारी अस्पताल जाकर डॉक्टर का परामर्श लें। प्रतिदिन पांच से छह लीटर पानी अवश्य पिएं।
प्रमाणपत्र बनवाने में दिव्यांगों का छूटा पसीना
सीएमओ कार्यालय में सोमवार को दिव्यांग परीक्षण बोर्ड का आयोजन किया गया। दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले सीएमओ कार्यालय पहुंचे। किसी को कुर्सी मिली तो कोई दिव्यांग जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करता दिखाई पड़ा। सभागार में पंखा भी बंद था, पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि दिव्यांगों के बैठने के लिए कुर्सियां पर्याप्त संख्या में हैं लेकिन लोगों के साथ आए व्यक्तियों के बैठने के कारण कुर्सी कम पड़ जाती हैं। अगले सोमवार से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।