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नींबू के भाव खट्टे कर रहे दांत, मिर्च के रेट स्वाद से ज्यादा कड़वे

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फोटो-20-गोंडा के आंबेडकर चौराहे पर सब्जी खरीदता युवक। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। सब्जी मंडियों में नींबू के बढ़े भाव ने लोगों के दांत खट्टे कर दिए हैं। एक माह पहले नींबू 160 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब बढ़कर 280 रुपये प्रति किलो हो गया है। आमजन 10 रुपये देकर एक नींबू से काम चला रहे हैं। मिर्च भी 80 रुपये किलो बिक रही है। लगभग सभी सब्जियों के भाव चढ़े हैं। महंगाई का असर इस कदर है कि दुकानदार जिस नींबू व मिर्च को दुकान पर नजर उतारने के लिए लटकाते थे, अब दुकानों से गायब दिख रहे हैं।
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डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के साथ ही सब्जियों पर छाई महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है। सब्जियों के दाम में दोगुने की वृद्धि की बात कही जा रही है। दाल व सरसों तेल की कीमतों से जूझ रही जनता को सब्जियों का ही सहारा मिलता था मगर अब यह भी थाली से दूर होती जा रही है। लोगों को परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। सब्जी खरीदने से पहले लोग कई बार सोचते हैं।
मौसमी सब्जियों के दाम में भी बेतहाशा वृद्घि हुई है। लौकी, करैला, तरोई, शिमला मिर्च, भिंडी, टमाटर, परवल पर भी महंगाई की मार पड़ी है। सब्जियों की बढ़ी कीमत ने रसोई का बजट गड़बड़ कर दिया है। लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह से महंगाई छायी रही तो संकट खड़ा हो सकता है। कोरोना महामारी के दौरान हुई दिक्कतों से लोग धीरे-धीरे उबर रहे हैं। इस बीच खाद्य पदार्थों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्घि से लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। (संवाद)
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महंगाई रोकने को ठोस रणनीति की जरूरत
रमेश कुमार तिवारी का कहना है कि आमजन को महंगाई से निजात दिलाने के लिए ठोस रणनीति बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक माह पहले जो रेट था, उससे करीब दोगुना की वृद्घि सब्जियों के दाम में हो गई है। सभी खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। शासन प्रशासन को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए अहम कदम उठाने होंगे। तभी जनता को राहत मिल सकती है।
विवेक कुमार गुप्ता ने कहा कि डीजल, पेट्रोल व रसोई के गैस के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं। अब सब्जी की बढ़ी कीमत ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडी से दोगुने कीमत पर सब्जियां बाजार में बिकती हैं। अगर स्थानीय स्तर पर ही प्रयास किया जाए तो लोगों को महंगाई से निजात दिलाई जा सकती है।
तमिलनाडु से आ रहा नींबू
नींबू तमिलनाडु से आ रहा है। गत दिनों मौसम में खराबी की वजह से नींबू की फसलें खराब हो गई थी। इसकी वजह से लोगों को महंगे दाम में नींबू मिल रहा है। बाकी सब्जियों के भाव प्रतिदिन के हिसाब से तय होता है। मंडी में होलसेल के भाव से सब्जियां बिकती हैं। बाहर लोग अलग-अलग कीमतों में बिक्री करते हैं। हामिद अली राईनी, अध्यक्ष, फल एवं सब्जी मंडी एसोसिएशन
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